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मेडिकल कॉलेज में एनआईसीयू और पीआईसीयू संचालन प्रशिक्षण शुरू
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अल्मोड़ा। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक साबित होने की आशंका के बीच इससे निपटने की तैयारियां भी तेज होने लगी हैं। मेडिकल कॉलेज में बुधवार से नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) और बाल चिकित्सा गहन इकाई (पीआईसीयू) के लिए डॉक्टरों और स्टाफ का प्रशिक्षण शुरू हुआ। पहले दिन 20 स्वास्थ्य कार्मिकों ने प्रशिक्षण लिया।
कोरोना की दूसरी लहर के बीच ही मेडिकल कॉलेज में संक्रमितों के उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए गए। अब तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। तीसरी लहर बच्चों के लिए अधिक घातक बताई जा रही है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में 10-10 बेड के एनआईसीयू और पीआईसीयू शुरू करने की कवायद भी तेज हो गई है।
मेडिकल कॉलेज में बुधवार को एनआईसीयू और पीआईसीयू संचालन के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्मिकों का प्रशिक्षण शुरू हुआ। पहले दिन कोविड चीफ नोडल अधिकारी डॉ. अजय आर्या और डॉ. अमित ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया। चीफ नोडल अधिकारी ने बताया कि डेढ़ माह तक कई समूह बनाकर प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रतिदिन छह डॉक्टर और 14 अन्य स्वास्थ्य कार्मिकों समेत कुल 20 सदस्यीय टीम को प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉक्टरों को एनआईसीयू और पीआईसीयू संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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कोरोना की दूसरी लहर के बीच ही मेडिकल कॉलेज में संक्रमितों के उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए गए। अब तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। तीसरी लहर बच्चों के लिए अधिक घातक बताई जा रही है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में 10-10 बेड के एनआईसीयू और पीआईसीयू शुरू करने की कवायद भी तेज हो गई है।
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मेडिकल कॉलेज में बुधवार को एनआईसीयू और पीआईसीयू संचालन के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्मिकों का प्रशिक्षण शुरू हुआ। पहले दिन कोविड चीफ नोडल अधिकारी डॉ. अजय आर्या और डॉ. अमित ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया। चीफ नोडल अधिकारी ने बताया कि डेढ़ माह तक कई समूह बनाकर प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रतिदिन छह डॉक्टर और 14 अन्य स्वास्थ्य कार्मिकों समेत कुल 20 सदस्यीय टीम को प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉक्टरों को एनआईसीयू और पीआईसीयू संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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