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आखिरकार भाजपा ने रानीखेत हॉटसीट पर डा. प्रमोद नैनवाल पर खेला दावं
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रानीखेत में नामांकन कराते भाजपा प्रत्याशी डा.प्रमोद नैनवाल। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। भाजपा में लंबे समय से चल रही टिकट वितरण की जद्दोजहद का आखिरकार पटाक्षेप हो गया है। पार्टी हाईकमान ने रानीखेत हॉटसीट पर डॉ. प्रमोद नैनवाल पर दांव खेला है। पारंपरिक रूप से केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट की मानी जाने वाली इस सीट पर इस बार दावेदारों की लंबी फौज खड़ी हो गई थी। बुधवार देर रात पार्टी हाईकमान ने डॉ. नैनवाल के नाम पर मुहर लगा दी।
डॉ. नैनवाल 1989 से भाजपा से जुड़े हैं। वह भाजयुमो सहित तमाम पदों पर लंबे समय तक पदाधिकारी रहे। सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने लंबे समय तक कार्य किया लेकिन 2017 में डॉ. नैनवाल पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी अजय भट्ट के खिलाफ निर्दलीय चुनाव में कूद गए थे। इसके बाद डॉ. नैनवाल को पार्टी से हटा दिया गया। निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए डॉ. नैनवाल ने 5700 मत प्राप्त किए थे। इस चुनाव में अधिकृत प्रत्याशी अजय भट्ट कांग्रेस के करन माहरा से 4900 मतों से चुनाव हार गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में डॉ. नैनवाल को फिर से भाजपा में शामिल किया गया। पंचायत चुनाव में डॉ. नैनवाल पर बेतालघाट में अपने करीबी को अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ ब्लॉक प्रमुख पद पर उम्मीदवार बनाने के आरोप लगे और वे फिर से निष्कासित कर दिए गए। 2021 में सल्ट उपचुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उन्हें भाजपा में शामिल किया। तब से डॉ. नैनवाल खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताने लगे। कई स्थानों पर विरोध के बाद आखिरकार डॉ. नैनवाल पार्टी का टिकट हासिल करने में सफल रहे। डॉ. नैनवाल ने कहा कि दावेदारी कई लोग करते हैं, लेकिन टिकट एक को ही मिलता है। सभी रूठों को मना लिया जाएगा। सभी लोग कार्यकर्ता हैं, उनकी भावनाओं का सम्मान होगा।
भिकियासैंण में भाजपाइयों ने दिए सामूहिक इस्तीफे
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। टिकट वितरण को लेकर भाजपा मंडल भिकियासैंण में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बगावत के संकेत दिए हैं। रानीखेत सीट से डॉ. प्रमोद नैनवाल को टिकट दिए जाने से मंडल पदाधिकारियों में आक्रोश है। इसके चलते मंडल पदाधिकारियों, मोर्चा पदाधिकारियों, शक्ति केंद्र संयोजकों और बूथ अध्यक्षों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को सामूहिक इस्तीफा भेजा है।
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डॉ. नैनवाल 1989 से भाजपा से जुड़े हैं। वह भाजयुमो सहित तमाम पदों पर लंबे समय तक पदाधिकारी रहे। सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने लंबे समय तक कार्य किया लेकिन 2017 में डॉ. नैनवाल पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी अजय भट्ट के खिलाफ निर्दलीय चुनाव में कूद गए थे। इसके बाद डॉ. नैनवाल को पार्टी से हटा दिया गया। निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए डॉ. नैनवाल ने 5700 मत प्राप्त किए थे। इस चुनाव में अधिकृत प्रत्याशी अजय भट्ट कांग्रेस के करन माहरा से 4900 मतों से चुनाव हार गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में डॉ. नैनवाल को फिर से भाजपा में शामिल किया गया। पंचायत चुनाव में डॉ. नैनवाल पर बेतालघाट में अपने करीबी को अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ ब्लॉक प्रमुख पद पर उम्मीदवार बनाने के आरोप लगे और वे फिर से निष्कासित कर दिए गए। 2021 में सल्ट उपचुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उन्हें भाजपा में शामिल किया। तब से डॉ. नैनवाल खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताने लगे। कई स्थानों पर विरोध के बाद आखिरकार डॉ. नैनवाल पार्टी का टिकट हासिल करने में सफल रहे। डॉ. नैनवाल ने कहा कि दावेदारी कई लोग करते हैं, लेकिन टिकट एक को ही मिलता है। सभी रूठों को मना लिया जाएगा। सभी लोग कार्यकर्ता हैं, उनकी भावनाओं का सम्मान होगा।
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भिकियासैंण में भाजपाइयों ने दिए सामूहिक इस्तीफे
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। टिकट वितरण को लेकर भाजपा मंडल भिकियासैंण में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बगावत के संकेत दिए हैं। रानीखेत सीट से डॉ. प्रमोद नैनवाल को टिकट दिए जाने से मंडल पदाधिकारियों में आक्रोश है। इसके चलते मंडल पदाधिकारियों, मोर्चा पदाधिकारियों, शक्ति केंद्र संयोजकों और बूथ अध्यक्षों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को सामूहिक इस्तीफा भेजा है।
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