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जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनाया फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/अल्मोड़ा।
Updated Tue, 04 Aug 2015 01:27 AM IST
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जिला उपभोक्ता विवाद परितोष फोरम ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लि. ऋषिकेश को ग्राम पलना (ढौरा) निवासी पनी राम को बीमा की एक लाख रुपये की धनराशि अदा करने के आदेश दिए हैं।
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पलना गांव निवासी गणेश राम ने 28 सितंबर 2011 को उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा धारानौला में खाता खोला। बकरी चराने गए गणेश राम की 23 जुलाई 2013 को सीमार तोक में चट्टान से पांव फिसलकर मौत हो गई।
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मृतक के पुत्र पनी राम ने बैंक को दुर्घटना बीमा प्राप्त करने के लिए दावा पत्र भेजा। बैंक ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिना बीमा क्लेम नहीं दिया जाता। इसके बाद पनी राम ने उपभोक्ता फोरम में वाद प्रस्तुत किया।
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बैंक ने गणेश राम की मृत्यु की सूचना मिलने पर बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लि. कोहली मार्केट हरिद्वार रोड ऋषिकेश को बीमा क्लेम के लिए पत्र भेजा। बीमा कंपनी का कहना था कि मृतक का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
पोस्टमार्टम होने पर ही बीमा कंपनी की देयता बनती है और परिवाद निरस्त करने योग्य है। जबकि परिवादी का कहना था कि मृत पिता के शव का पंचनामा कराया गया और पंचों ने राय भी दी थी कि गणेश राम की चट्टान से गिरकर मौत हुई है।
शरीर पर गंभीर चोटें आई थी। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। फोरम के अध्यक्ष रवींद्र मैठाणी और सदस्य लीला जोशी ने फैसला सुनाया कि परिवादी पनीराम दुर्घटना बीमा की धनराशि प्राप्त करने का अधिकारी है।
फोरम ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लि. को परिवादी पनी राम को बीमे की एक लाख रुपये की धनराशि एक माह के भीतर अदा करने के आदेश दिए।
साथ ही कहा कि यदि निश्चित अवधि में धनराशि अदा नहीं की गई तो कंपनी को परिवाद प्रस्तुत करनेे की तिथि दो दिसंबर 2014 से भुगतान की तिथि तक छह फीसदी की दर से वार्षिक ब्याज भी चुकाना होगा।