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आंदोलनों को विकास की जननी बताया
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कौसानी में सद्भावना समिति में आंदोलनों पर चर्चा करते सर्वोदयी
- फोटो : GARUD
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कौसानी (बागेश्वर)। उत्तराखंड सद्भावना समिति उत्तराखंड सर्वोदय मंडल के अनासक्ति आश्रम में चले रहे शिविर में वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन विकास और न्याय की जननी है। आंदोलनों को कुचलने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
शिविर के दूसरे दिन वक्ताओं ने स्वाधीनता आंदोलन, पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन, बागेश्वर रेल लाओ, नशा मुक्ति, सती प्रथा, हेंलग आंदोलन आदि पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन देश के इतिहास में हमेशा याद रहेंगे। शिविर के संयोजक भुवन पाठक ने कहा कि राज्य की जनता अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना अति जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से राज्य की जनता सबसे ज्यादा परेशान है। शिविर के दूसरे सत्र में भू कानून पर विस्तार से चर्चा हुई। सत्र के दौरान वक्ताओं ने देश आजादी में उत्तराखंड की जनता और सेनानियों के योगदान पर भी चर्चा की।
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वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड पुरुषों की तुलना में उत्तराखंड की महिलाएं वर्तमान में अपने अधिकारों के प्रति ज्यादा जागरूक हैं। उन्होंने हेलंग आंदोलन के प्रति सरकार आज तक गंभीर नहीं दिख रही है। महिलाओं से घास छीनने वाले पुलिस कर्मियों और सीआईएसएफ के जवानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की। वहां पर इस्लाम हुसैन, भूपेंद्र वल्दिया, सुंदर बरोलिया,देवेंद्र बहुगुणा आदि थे।
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शिविर के दूसरे दिन वक्ताओं ने स्वाधीनता आंदोलन, पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन, बागेश्वर रेल लाओ, नशा मुक्ति, सती प्रथा, हेंलग आंदोलन आदि पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन देश के इतिहास में हमेशा याद रहेंगे। शिविर के संयोजक भुवन पाठक ने कहा कि राज्य की जनता अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना अति जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से राज्य की जनता सबसे ज्यादा परेशान है। शिविर के दूसरे सत्र में भू कानून पर विस्तार से चर्चा हुई। सत्र के दौरान वक्ताओं ने देश आजादी में उत्तराखंड की जनता और सेनानियों के योगदान पर भी चर्चा की।
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वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड पुरुषों की तुलना में उत्तराखंड की महिलाएं वर्तमान में अपने अधिकारों के प्रति ज्यादा जागरूक हैं। उन्होंने हेलंग आंदोलन के प्रति सरकार आज तक गंभीर नहीं दिख रही है। महिलाओं से घास छीनने वाले पुलिस कर्मियों और सीआईएसएफ के जवानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की। वहां पर इस्लाम हुसैन, भूपेंद्र वल्दिया, सुंदर बरोलिया,देवेंद्र बहुगुणा आदि थे।