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Almora News: मिनी अभ्यारण्य के रूप में विकसित नहीं हो सका रानीखेत का दलमोठी वन क्षेत्र
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रानीखेत का दलमोठी वन क्षेत्र। संवाद
- फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन नगरी रानीखेत के दलमोठी में मिनी अभ्यारण्य विकसित करने की कवायद सात साल बाद भी परवान नहीं चढ़ सकी है। तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने रानीखेत में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जैव विविधता से लबरेज दलमोठी को मिनी अभ्यारण्य के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी लेकिन इस संबंध में आज तक कोई पहल नहीं हो सकी है।
2015 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत की सरकार में मिनी अभ्यारण्य की महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव वन विभाग की ओर से शासन को भेजा गया था लेकिन बाद में सरकार बदलने तथा उसके बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी नहीं होने से योजना आगे नहीं बढ़ पाई। जैव विविधता से पूर्ण सघन वन क्षेत्र में जंगल सफारी शुरू करने की भी योजना थी। इससे पर्यटन नगरी के विकास को पंख लगने की भी उम्मीद थी।
घोषणा के बाद वन विभाग की तरफ से महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। अभ्यारण्य के लिए दलमोठी के जैव विविधता से समृद्ध सघन वनाच्छादित क्षेत्र के पांच हेक्टेयर हिस्से को टाइगर रिजर्व, बर्ड वाचिंग के रूप में विकसित करने के साथ खाल निर्माण, ट्रैक रूट विकसित करने सहित कई महत्वपूर्ण कार्य होने थे। अभ्यारण्य में पर्यटकों के लिए जंगल सफारी शुरू करने की भी योजना थी, जिससे सैलानी प्रकृति के मनोरम सौंदर्य को बेहद करीब से आनंद ले सकें।
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मिनी अभ्यारण्य के लिए शुरूआत में लगभग 25 लाख की टोकन मनी भी आई लेकिन सरकार बदलने के बाद टोकन मनी भी लौट गई। इसके बाद मिनी अभ्यारण्य की दिशा में कार्य आगे नहीं बढ़ पाए। 2017 में सरकार बदल गई तथा इसके बाद कांग्रेस के सत्ता में नहीं लौटने से योजना पूरी तरह खटाई में पड़ गई। 2022 में भी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।
कोट
-2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार में घोषणा हुई। टोकन मनी भी आई थी लेकिन वर्तमान में इस तरह की योजना नहीं है। शासन की तरफ से कोई दिशा निर्देश प्राप्त होने के बाद ही आगे की कार्यवाही होगी।
-महातिम यादव, डीएफओ, अल्मोड़ा।
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2015 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत की सरकार में मिनी अभ्यारण्य की महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव वन विभाग की ओर से शासन को भेजा गया था लेकिन बाद में सरकार बदलने तथा उसके बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी नहीं होने से योजना आगे नहीं बढ़ पाई। जैव विविधता से पूर्ण सघन वन क्षेत्र में जंगल सफारी शुरू करने की भी योजना थी। इससे पर्यटन नगरी के विकास को पंख लगने की भी उम्मीद थी।
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घोषणा के बाद वन विभाग की तरफ से महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। अभ्यारण्य के लिए दलमोठी के जैव विविधता से समृद्ध सघन वनाच्छादित क्षेत्र के पांच हेक्टेयर हिस्से को टाइगर रिजर्व, बर्ड वाचिंग के रूप में विकसित करने के साथ खाल निर्माण, ट्रैक रूट विकसित करने सहित कई महत्वपूर्ण कार्य होने थे। अभ्यारण्य में पर्यटकों के लिए जंगल सफारी शुरू करने की भी योजना थी, जिससे सैलानी प्रकृति के मनोरम सौंदर्य को बेहद करीब से आनंद ले सकें।
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मिनी अभ्यारण्य के लिए शुरूआत में लगभग 25 लाख की टोकन मनी भी आई लेकिन सरकार बदलने के बाद टोकन मनी भी लौट गई। इसके बाद मिनी अभ्यारण्य की दिशा में कार्य आगे नहीं बढ़ पाए। 2017 में सरकार बदल गई तथा इसके बाद कांग्रेस के सत्ता में नहीं लौटने से योजना पूरी तरह खटाई में पड़ गई। 2022 में भी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।
कोट
-2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार में घोषणा हुई। टोकन मनी भी आई थी लेकिन वर्तमान में इस तरह की योजना नहीं है। शासन की तरफ से कोई दिशा निर्देश प्राप्त होने के बाद ही आगे की कार्यवाही होगी।
-महातिम यादव, डीएफओ, अल्मोड़ा।