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मंदिरों में पूजा अर्चना को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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भिकियासैंण देघाट के भगवती मंदिर में भजन कीर्तन करते भक्त।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/भिकियासैण। नवरात्र के चलते मंदिरों में पूजा अर्चना को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिरों और घरों में भजन कीर्तन होने से वातावरण भक्तिमय बना है। मंगलवार को मां के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा की पूजा अर्चना की गई।
चौथे नवरात्र को नगर के प्रसिद्ध नंदादेवी मंदिर, उल्का देवी मंदिर, त्रिपुरा सुंदरी, कसारदेवी मंदिर, स्याहीदेवी, बानड़ी देवी मंदिर, रघुनाथ मंदिर, प्रसिद्ध ग्वल देवता मंदिर चितई समेत अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचने लगे थे।
भिकियासैण में भी नवरात्र के चौथे दिन माता कुष्मांडा की पूजा अर्चना के लिए देवी मंदिर देघाट में भक्तों का तांता लगा रहा। चौकोट के सुप्रसिद्ध प्राचीन काली मंदिर देघाट में सैकड़ों वर्षों से चैत्र नवरात्र के अवसर पर प्रतिवर्ष नौ दिन तक यहां पर देवी की पूजा की जाती है। नवरात्र की सप्तमी व अष्टमी तिथि को विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से ग्रामीण माता के डोले सजाकर मंदिर पहुंचते हैं। चौथे नवरात्र पर सुरमोली के ग्रामीण डोला सजाकर मंदिर में पहुंचे और माता कुष्मांडा की पूजा अर्चना की तथा भरसोली के दौलत सिंह सजवाण के परिवार ने भंडारा कराया। वहां पर मंदिर समिति के किशन मैठानी, खुशाल सिंह कलाली, नारायण बंगारी, भगवत सिंह रावत, दानसिह डंगवाल, दौलत सजवाण, वीरेंद्र सिंह रावत,पूरन भाकुनी आदि थे।
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रानीखेत के मंदिर भी गुलजार
रानीखेत (अल्मोड़ा)। चैत्र नवरात्र के मौके पर रानीखेत के मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। नगर के झूला देवी मंदिर, द्वाराहाट के दूनागिरी मंदिर में सुबह से ही दूर दराज के श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। कालिका स्थित कालिका देवी और दुर्गा मंदिरों में भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। चिलियानौला के हरड़ा देवी मंदिर में भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
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चौथे नवरात्र को नगर के प्रसिद्ध नंदादेवी मंदिर, उल्का देवी मंदिर, त्रिपुरा सुंदरी, कसारदेवी मंदिर, स्याहीदेवी, बानड़ी देवी मंदिर, रघुनाथ मंदिर, प्रसिद्ध ग्वल देवता मंदिर चितई समेत अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचने लगे थे।
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भिकियासैण में भी नवरात्र के चौथे दिन माता कुष्मांडा की पूजा अर्चना के लिए देवी मंदिर देघाट में भक्तों का तांता लगा रहा। चौकोट के सुप्रसिद्ध प्राचीन काली मंदिर देघाट में सैकड़ों वर्षों से चैत्र नवरात्र के अवसर पर प्रतिवर्ष नौ दिन तक यहां पर देवी की पूजा की जाती है। नवरात्र की सप्तमी व अष्टमी तिथि को विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से ग्रामीण माता के डोले सजाकर मंदिर पहुंचते हैं। चौथे नवरात्र पर सुरमोली के ग्रामीण डोला सजाकर मंदिर में पहुंचे और माता कुष्मांडा की पूजा अर्चना की तथा भरसोली के दौलत सिंह सजवाण के परिवार ने भंडारा कराया। वहां पर मंदिर समिति के किशन मैठानी, खुशाल सिंह कलाली, नारायण बंगारी, भगवत सिंह रावत, दानसिह डंगवाल, दौलत सजवाण, वीरेंद्र सिंह रावत,पूरन भाकुनी आदि थे।
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रानीखेत के मंदिर भी गुलजार
रानीखेत (अल्मोड़ा)। चैत्र नवरात्र के मौके पर रानीखेत के मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। नगर के झूला देवी मंदिर, द्वाराहाट के दूनागिरी मंदिर में सुबह से ही दूर दराज के श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। कालिका स्थित कालिका देवी और दुर्गा मंदिरों में भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। चिलियानौला के हरड़ा देवी मंदिर में भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।