फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Congress Workers meet in Ranikhet

नब्ज टटोलने के साथ ही दर्द पर मरहम लगा गई कांग्रेस पर्यवेक्षक रश्मि

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 12:27 AM IST
विज्ञापन
Congress Workers meet in Ranikhet
कांग्रेस समन्वय बैठक में भाजपा छोड़ कांग्रेस में लौटे त्रिभुवन शर्मा का स्वागत करते विधायक, पर्? - फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की तरफ से पहुंची पर्यवेक्षक रश्मि पवार ने यहां रानीखेत, द्वाराहाट और सल्ट विधानसभा क्षेत्रों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की समन्वय बैठक ली। उन्होंने कहा कि भाजपा महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगा पाई। जनता कांग्रेस को उम्मीद की नजर से देख रही है। पर्यवेक्षक ने कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलने के साथ ही उनके दर्द पर मरहम भी लगाया। इस मौके पर भाजपा छोड़ घर वापसी करने वाले त्रिभुवन शर्मा को सम्मानित भी किया गया।
विज्ञापन

विधायक करन माहरा के आवास परिसर में हुई समन्वय बैठक में पर्यवेक्षक रश्मि पवार ने रानीखेत, द्वाराहाट और सल्ट विधानसभा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ मंथन किया। इधर, कई कार्यकर्ताओं ने संगठन कमजोर होने, उनकी पूछ नहीं होने की बात भी कही। रश्मि कहा कि वह अब वे क्षेत्र में ही रहकर समस्याएं हल करेंगी। उन्होंने आपसी मतभेदों को भुलाकर कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने की बात कही। विधायक करन माहरा ने कहा कि कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ हैं। पूर्व विधायक द्वाराहाट मदन बिष्ट ने कहा कि भाजपा सरकार ने जनता को सिर्फ छलने का कार्य किया है। सल्ट से पहुंचे वरिष्ठ कार्यकर्ता श्याम सिंह बोरा ने कहा कि दस सालों से सल्ट विधानसभा में उनका विधायक नहीं है। आपसी मतभेदों को दूर करने की मांग उन्होंने उठाई।
विज्ञापन

‘कार्यकर्ताओं में समन्वय बनाना जरूरी’
रानीखेत। रानीखेत उपमंडल में विधानसभा की तीन सीटें हैं। पर्यवेक्षक ने संकेत दिए हैं कि रानीखेत और द्वाराहाट में तो प्रत्याशी लगभग तय हैं लेकिन सल्ट में अभी तक रायशुमारी नहीं बन सकी है। कांग्रेस की समन्वय बैठक में भाग लेने पहुंचे सल्ट क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने कहा कि विधानसभा में पिछले 10 सालों से गैर कांग्रेसी विधायक है। कहा कि वहां प्रत्याशी के हारने का मुख्य कारण प्रत्याशी के चयन में देरी है। कहा कि सल्ट में यदि इस बार प्रत्याशी का चयन पहले कर दिया जाए तो सकारात्मक परिणाम होंगे। दरअसल, सल्ट क्षेत्र में गुटबाजी की खबरें भी आती रहती हैं। यह मामला पिछले साल हुए उपचुनाव से गहरा गया। यहां से पूर्व विधायक रणजीत रावत अपने ब्लाक प्रमुख पुत्र विक्रम रावत के लिए टिकट मांग रहे थे, जबकि उपचुनाव और पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से गंगा पंचोली चुनाव लड़ चुकी हैं। कई कार्यकर्ताओं ने पर्यवेक्षक से समन्वय स्थापित कराने की मांग उठाई। कहा कि संगठन को एकजुट किया जाना वहां जरूरी हैं। कई दावेदार होने से फिर हाईकमान को भी प्रत्याशी चयन में माथापच्ची करनी पड़ती है। इसलिए चुनाव से पहले सभी को संगठित करना जरूरी है। पर्यवेक्षक रश्मि पवार ने कहा कि वह अब यहीं रहेंगी, कार्यकर्ताओं की मन की बात संगठन हाईकमान तक पहुंचाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed