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तिपौला ग्राम समूह पेयजल योजना का हस्तांतरण नहीं होने से बढ़ी परेशानी
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पानी के बगैर इस तरह से बंजर पड़े हैं रानीखेत में गांवों के खेत। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बनी गगास-ताड़ीखेत तथा चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना से पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जल संस्थान दो से तीन दिन में नगरीय क्षेत्रों में तथा छह से सात दिन में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराता है लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं होता। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के बगैर तमाम खेत बंजर पड़े हुए हैं। दूसरी तरफ तिपौला पेयजल योजना का अभी तक जल संस्थान को हस्तांतरण नहीं हो सका है जिस कारण परेशानी बढ़ गई है।
गगास-ताड़ीखेत पेयजल योजना 1970 में अस्तित्व में आई। इस योजना से 80 प्रतिशत पानी सेना को और शेष 20 प्रतिशत पानी चिलियानौला नगर पालिका के अलावा ताड़ीखेत ब्लाक की 39 ग्राम सभाओं को मिलता है। सिमोली, पथुली सहित तमाम गांवों में पेयजल की भारी किल्लत बनी हुई है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक ठाकुर ने बताया कि ग्रामीण गाय भैंसों को पानी के लिए गधेरों में ले जाने को मजबूर हो रहे हैं।
पीने के लिए पानी नहीं आ रहा है। सिंचाई की बात तो दूर है। उन्होंने बताया कि पानी के बगैर ग्रामीण क्षेत्रों से बेतहासा पलायन बढ़ रहा है। खेत खलिहान सिंचाई के बगैर बंजर पड़े हुए हैं। चिलियानौला नगर पालिका क्षेत्र के कई वार्डों में भी इन दिनों पानी की भारी किल्लत चल रही है। कई बार महिलाओं ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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-तिपौला योजना के आईवैल में भारी खामियां हैं। जल संस्थान के महाप्रबंधक ने योजना का निरीक्षण कर लिया है। हस्तांतरण की कार्रवाई उन्हीं के स्तर से होनी है। गगास योजना से मात्र 20 प्रतिशत पानी नागरिकों के लिए उपलब्ध है। 20 प्रतिशत पानी से 39 ग्राम सभाओं को पानी वितरित करना होता है। इसीलिए आपूर्ति में दिक्कतें हैं। -सुरेश ठाकुर, अधिशासी अभियंता जल संस्थान रानीखेत।
तिपौला पेयजल पंपिंग योजना को हस्तांतरित की मांग
रानीखेत (द्वाराहाट)। परिवहन मंत्री चंदन राम दास के रानीखेत और द्वाराहाट पहुंचने पर विभिन्न संगठनों ने उन्हें समस्याएं बताईं और ज्ञापन सौंपे। ताड़ीखेत के ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत ने बग्वालीपोखर से बगूना, दुगौड़ा, बिष्टकोटली, चमना, गुढोली, कलौना, डडगलिया मार्ग से हल्द्वानी के लिए प्रतिदिन रोडवेज की बस की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने तिपौला पंपिंग योजना, चमड़खान पंपिंग योजना को जल्द जलसंस्थान को हस्तांतरित करने की भी मांग उठाई। बिल्लेख पंपिंग पेयजल योजना को मेहरखोला के स्कूल से जोड़ने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को देने का आग्रह किया। एसटी एससी छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति दिलाने की मांग की।
द्वाराहाट में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संगठन ने वीरेंद्र बजेठा के नेतृत्व में नौ सूत्री ज्ञापन दिया जिसमें दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने, प्रदेश की स्थायी राजधानी गैरसैण बनाने, प्रदेश में सशक्त भू कानून लाने, 2027 में होने वाले परिसीमन को भौगोलिक आधार पर करवाने की मांग की। राज्य आंदोलनकारियों को प्रदेश में रात्रि प्रवास पर सरकारी अतिथि गृहों और गेस्ट हाउसों में विधायकों की तरह सुविधाएं देने, आंदोलनकारियों को 20 हजार मासिक पेंशन देने, बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग उठाई। परिवहन निगम की देहरादून- द्वाराहाट बस सेवा को दो किलोमीटर आगे गौचर से संचालित करवाने की मांग उठाई। ज्ञापन देने वालों में बबलू मठपाल, हरीश बिष्ट, मनोज तिवारी, प्रकाश मठपाल, श्यम कुमार, प्रेम सिंह रावत आदि थे। संवाद
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गगास-ताड़ीखेत पेयजल योजना 1970 में अस्तित्व में आई। इस योजना से 80 प्रतिशत पानी सेना को और शेष 20 प्रतिशत पानी चिलियानौला नगर पालिका के अलावा ताड़ीखेत ब्लाक की 39 ग्राम सभाओं को मिलता है। सिमोली, पथुली सहित तमाम गांवों में पेयजल की भारी किल्लत बनी हुई है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक ठाकुर ने बताया कि ग्रामीण गाय भैंसों को पानी के लिए गधेरों में ले जाने को मजबूर हो रहे हैं।
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पीने के लिए पानी नहीं आ रहा है। सिंचाई की बात तो दूर है। उन्होंने बताया कि पानी के बगैर ग्रामीण क्षेत्रों से बेतहासा पलायन बढ़ रहा है। खेत खलिहान सिंचाई के बगैर बंजर पड़े हुए हैं। चिलियानौला नगर पालिका क्षेत्र के कई वार्डों में भी इन दिनों पानी की भारी किल्लत चल रही है। कई बार महिलाओं ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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-तिपौला योजना के आईवैल में भारी खामियां हैं। जल संस्थान के महाप्रबंधक ने योजना का निरीक्षण कर लिया है। हस्तांतरण की कार्रवाई उन्हीं के स्तर से होनी है। गगास योजना से मात्र 20 प्रतिशत पानी नागरिकों के लिए उपलब्ध है। 20 प्रतिशत पानी से 39 ग्राम सभाओं को पानी वितरित करना होता है। इसीलिए आपूर्ति में दिक्कतें हैं। -सुरेश ठाकुर, अधिशासी अभियंता जल संस्थान रानीखेत।
तिपौला पेयजल पंपिंग योजना को हस्तांतरित की मांग
रानीखेत (द्वाराहाट)। परिवहन मंत्री चंदन राम दास के रानीखेत और द्वाराहाट पहुंचने पर विभिन्न संगठनों ने उन्हें समस्याएं बताईं और ज्ञापन सौंपे। ताड़ीखेत के ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत ने बग्वालीपोखर से बगूना, दुगौड़ा, बिष्टकोटली, चमना, गुढोली, कलौना, डडगलिया मार्ग से हल्द्वानी के लिए प्रतिदिन रोडवेज की बस की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने तिपौला पंपिंग योजना, चमड़खान पंपिंग योजना को जल्द जलसंस्थान को हस्तांतरित करने की भी मांग उठाई। बिल्लेख पंपिंग पेयजल योजना को मेहरखोला के स्कूल से जोड़ने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को देने का आग्रह किया। एसटी एससी छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति दिलाने की मांग की।
द्वाराहाट में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संगठन ने वीरेंद्र बजेठा के नेतृत्व में नौ सूत्री ज्ञापन दिया जिसमें दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने, प्रदेश की स्थायी राजधानी गैरसैण बनाने, प्रदेश में सशक्त भू कानून लाने, 2027 में होने वाले परिसीमन को भौगोलिक आधार पर करवाने की मांग की। राज्य आंदोलनकारियों को प्रदेश में रात्रि प्रवास पर सरकारी अतिथि गृहों और गेस्ट हाउसों में विधायकों की तरह सुविधाएं देने, आंदोलनकारियों को 20 हजार मासिक पेंशन देने, बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग उठाई। परिवहन निगम की देहरादून- द्वाराहाट बस सेवा को दो किलोमीटर आगे गौचर से संचालित करवाने की मांग उठाई। ज्ञापन देने वालों में बबलू मठपाल, हरीश बिष्ट, मनोज तिवारी, प्रकाश मठपाल, श्यम कुमार, प्रेम सिंह रावत आदि थे। संवाद