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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Budhadhar village sent 14 families to safer places

बूढ़ाधार गांव से 14 परिवार सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

Mon, 13 Jul 2015 01:39 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/अल्मोड़ा/धौलछीना।
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/अल्मोड़ा/धौलछीना। Updated Mon, 13 Jul 2015 01:39 AM IST
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रविवार को भी लगातार बारिश होते रही। भैंसियाछाना ब्लाक के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र बूढ़ाधार में बारिश से दो मकान और दियारी में एक मकान टूट गया।

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 संयोग से उस वक्त घर पर कोई नहीं था। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बूढ़ाधार गांव के 14 परिवारों और दियारी गांव के एक परिवार को वहां से आधा किमी दूर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है।
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 इन लोगों के लिए वहां 15 टैंट भेजे गए हैं। बूढ़ाधार क्षेत्र वर्ष 2010 से ही आपदा प्रभावित है। पिछले साल भी इस क्षेत्र में दो मकान टूटे थे। गांव में निवास 56 परिवार निवास करते हैं। अधिकांश मकानों में दरारें आई हुई हैं।
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बरसात में यह दरारें चौड़ी हो जाती हैं। पिछले पांच सालों में अब तक करीब एक दर्जन मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। शनिवार सायं गुलाम राम पुत्र कुंवर राम और गणेश राम पुत्र खुशी राम के मकान टूट गए। उस वक्त घर पर कोई नहीं था।

 खतरे को देखते हुए इन दोनों परिवारों के अलावा ठाकुर राम पुत्र फकीर राम, दलीप राम पुत्र दुलप राम, चंचल राम पुत्र दुलप राम, मदन राम पुत्र जसोद राम, केदार राम पुत्र रतन राम, बची राम पुत्र नैन राम, दनी राम पुत्र लछी राम, गोविंद राम पुत्र सक्त राम, नारायण सिंह पुत्र नैन सिंह, राजेंद्र प्रसाद पुत्र रतन राम, गोविंद राम पुत्र उमेद राम, भीम राम पुत्र बची राम, गोपाल राम पुत्र किशन राम के परिवारों को प्रशासन ने गांव से करीब आधा किमी दूर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है।

एसडीएम के निर्देश पर प्रभावितों के लिए आपदा सेक्टर मजिस्ट्रेट लोनिवि के ईई हिमांशु पंत और राजस्व उप निरीक्षक जगदीश देवड़ी 15 टैंट लेकर बूढ़ाधार पहुंचे।

इन परिवारों को गांव से करीब आधा किमी दूर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। वहीं दियारी में जगन्नाथ राम पुत्र शेर राम का मकान भी टूट गया।

जगन्नाथ के परिवार को भी इन्हीं लोगों के साथ भेजा गया है। उधर हवालबाग ब्लाक के कनेली गांव में लीला देवी पत्नी स्व. खीम राम का मकान टूटने से गोठ में बंधी एक बकरी मर गई। जबकि छह बकरी बाल बाल बच गई। लीला देवी का परिवार दूसरे परिवार में रहता है।


बूढ़ाधार के क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार ने कहा है कि गांव में करीब आधा दर्जन और परिवारों को खतरा बना हुआ है। उन्होंने इन परिवारों को भी विस्थापित कर टैंट उपलब्ध कराने की मांग की है।

इधर व्यापार मंडल धौलछीना के अध्यक्ष दरबान रावत ने प्रशासन से क्षेत्र के लोगों को विस्थापित करने के लिए जल्द भूमि उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।

बारिश के चलते मलबा आने से जिले के सात आंतरिक मार्ग अब भी बंद चल रहे हैं। अल्मोड़ा में रविवार को 22 मिमी बारिश हुई।

बारिश से मरचूला-स्याल्दे-देघाट, गैरखेत-सराईखेत, चमखला-डबरा, रापड़-गंगोला, पपरसली-बल्टा, चौकुनी-दुगोड़ा, काफलीबाग-द्वारसों मार्ग पिछले एक सप्ताह से अब भी बंद पड़े हैं। जिन्हें लोनिवि नहीं खोल सका है। इससे संबंधित क्षेत्रों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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