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दोनों आलों ने रामगंगा में पत्थर फेंककर निभाई ओड़ा भेंटने की रस्म
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 09 May 2016 10:39 PM IST
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Somnath aunt to throw stones at the fair, the main ceremony in Ramganga river running Knaunian All People
- फोटो : अमर उजाला
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मासी में रामगंगा में पत्थर फेंकने की रस्म के साथ सोमनाथ का मुख्य मेला संपन्न हो गया। सल्टिया सोमनाथ के मुख्य मेले में दोनों आलों (पार्टियों) ने रामगंगा में पत्थर फेंककर ओड़ा भेंटने की रस्म अदा की गई। परंपरा के अनुसार इस बार पहले कनौणिंया आल ने नदी में पत्थर बरसाए। अलबत्ता मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम पांच दिन तक और चलते रहेंगे।
परंपरा के अनुसार इस बार कनौणियां आल में शामिल छह ग्राम पंचायतों के लोगों ने पहले आकर रामगंगा में पत्थर बरसाते हुए ओड़ा भेंटने की रस्म निभाई। उनके लौटने के बाद पहुंचे मासी आल में शामिल नौ ग्राम पंचायतों के लोगों ने पत्थर बरसाकर ओड़ा भेंटा। बाद में दोनों आलों के लोगों ने मेलास्थल पर पहुंचकर अपन-अपनेे परिसर में झोड़े गाए। मेला समिति के अध्यक्ष सुभाष बिष्ट, गजेंद्र सिंह, शिवदत्त मासीवाल, हरीश मासीवाल, त्रिलोक सिंह व शंकर सिंह बिष्ट सहित दोनों आलों के थोकेदारों ने मेलार्थियों का स्वागत करते हुए सहयोग के लिए आभार जताया। दूसरी ओर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला भी चलता रहा।
अल्मोड़ा से पहुंची पर्वतीय कला केंद्र के कलाकारों की टीम ने ‘हिट दे साई बसंती हाट क बजारा’, ‘संध्या झूली रै’, ‘ओ भिना कसिकै जानूं द्वारिहाटा’ सहित कई लोक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। इसके अलावा रामगंगा वैली स्कूल मासी के बच्चों ने भी अपनी प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध किया।
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परंपरा के अनुसार इस बार कनौणियां आल में शामिल छह ग्राम पंचायतों के लोगों ने पहले आकर रामगंगा में पत्थर बरसाते हुए ओड़ा भेंटने की रस्म निभाई। उनके लौटने के बाद पहुंचे मासी आल में शामिल नौ ग्राम पंचायतों के लोगों ने पत्थर बरसाकर ओड़ा भेंटा। बाद में दोनों आलों के लोगों ने मेलास्थल पर पहुंचकर अपन-अपनेे परिसर में झोड़े गाए। मेला समिति के अध्यक्ष सुभाष बिष्ट, गजेंद्र सिंह, शिवदत्त मासीवाल, हरीश मासीवाल, त्रिलोक सिंह व शंकर सिंह बिष्ट सहित दोनों आलों के थोकेदारों ने मेलार्थियों का स्वागत करते हुए सहयोग के लिए आभार जताया। दूसरी ओर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला भी चलता रहा।
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अल्मोड़ा से पहुंची पर्वतीय कला केंद्र के कलाकारों की टीम ने ‘हिट दे साई बसंती हाट क बजारा’, ‘संध्या झूली रै’, ‘ओ भिना कसिकै जानूं द्वारिहाटा’ सहित कई लोक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। इसके अलावा रामगंगा वैली स्कूल मासी के बच्चों ने भी अपनी प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध किया।
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