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बाबा की मौत मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:07 PM IST
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अल्मोड़ा में पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद बाबा के परिजन और ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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थाना लमगड़ा के अंतर्गत डोल गांव स्थित प्राचीन विष्णु मंदिर में रहने वाले बाबा त्रिभुवन चैतन्यपुरी उर्फ 1008 स्वामी परमानंदपुरी की मौत के मामले में पुलिस ने मृतक के पिता गोविंद बल्लभ फुलारा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पिछले दस दिन से गायब नैनीताल जिले के धारी तहसील के कोडार गांव निवासी त्रिभुवन चैतन्यपुरी उर्फ 1008 स्वामी परमानंदपुरी (32) (मूल नाम भुवन चंद्र फुलारा) का शव शनिवार को डोल गांव में प्राचीन विष्णु मंदिर स्थित पानी के कुंड में मिला था। हत्या का मामला दर्ज होने के बाद लमगड़ा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसएसपी पी रेणुका देवी ने विवेचना थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट को सौंपी है। थानाध्यक्ष ने रविवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की।
रविवार को डॉ. पंकज माथुर और डॉ. प्रमोद कुमार मेहता ने शव का पोस्टमार्टम किया। डॉ. पंकज माथुर ने बताया कि शव सात से दस दिन पुराना है और फूला हुआ है। शव पर कहीं भी चोट के निशान नहीं हैं। उन्होंने आशंका जताई कि संभवत पानी में डूबने से उनकी मौत हुई हो। इस दौरान मृतक के परिजन भी मौजूद रहे। बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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बाबा की किसी से नहीं थी दुश्मनी
अल्मोड़ा। त्रिभुवन चैतन्यपुरी के दो भाई और तीन बहनें हैं। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे उनके छोटे भाई रमेश चंद्र ने बताया कि त्रिभुवन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। अप्रैल 2017 में वह विष्णु मंदिर में रहने आ गए थे। इसी साल 25 जुलाई को उन्होंने बाबा का चोला पहन लिया था। इसकी जानकारी उन्होंने परिवार में सबसे छोटे भाई लक्ष्मीदत्त को दी थी। दो सितंबर को वह अपने बड़े भाई त्रिभुवन से मिलने मंदिर भी गए थे। उन्होंने बताया कि उनका किसी से विवाद नहीं था। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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पिछले दस दिन से गायब नैनीताल जिले के धारी तहसील के कोडार गांव निवासी त्रिभुवन चैतन्यपुरी उर्फ 1008 स्वामी परमानंदपुरी (32) (मूल नाम भुवन चंद्र फुलारा) का शव शनिवार को डोल गांव में प्राचीन विष्णु मंदिर स्थित पानी के कुंड में मिला था। हत्या का मामला दर्ज होने के बाद लमगड़ा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसएसपी पी रेणुका देवी ने विवेचना थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट को सौंपी है। थानाध्यक्ष ने रविवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की।
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रविवार को डॉ. पंकज माथुर और डॉ. प्रमोद कुमार मेहता ने शव का पोस्टमार्टम किया। डॉ. पंकज माथुर ने बताया कि शव सात से दस दिन पुराना है और फूला हुआ है। शव पर कहीं भी चोट के निशान नहीं हैं। उन्होंने आशंका जताई कि संभवत पानी में डूबने से उनकी मौत हुई हो। इस दौरान मृतक के परिजन भी मौजूद रहे। बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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बाबा की किसी से नहीं थी दुश्मनी
अल्मोड़ा। त्रिभुवन चैतन्यपुरी के दो भाई और तीन बहनें हैं। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे उनके छोटे भाई रमेश चंद्र ने बताया कि त्रिभुवन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। अप्रैल 2017 में वह विष्णु मंदिर में रहने आ गए थे। इसी साल 25 जुलाई को उन्होंने बाबा का चोला पहन लिया था। इसकी जानकारी उन्होंने परिवार में सबसे छोटे भाई लक्ष्मीदत्त को दी थी। दो सितंबर को वह अपने बड़े भाई त्रिभुवन से मिलने मंदिर भी गए थे। उन्होंने बताया कि उनका किसी से विवाद नहीं था। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।