अल्मोड़ा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से राजकीय नर्सिंग कॉलेज अल्मोड़ा के सभागार में आयोजित कार्यशाला में लोगों को लिंग समानता के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों ने नुक्कड़-नाटक के माध्यम से भ्रूण हत्या और प्रसव पूर्व लिंग जांच रोकने का संदेश दिया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरसी पंत ने कहा कि आज बालिकाएं उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। समाज को बेटा-बेटी में भेदभाव खत्म करना होगा। उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट के बारे में जानकारी दी। जिला समन्वयक हिमांशु मुस्यूनी ने कहा कि गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व लिंग की जांच कराना दंडनीय अपराध है। छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़-नाटक, वाद-विवाद, लोक नृत्य, भाषण के माध्यम से भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूक किया। अध्यक्षता प्राचार्या आशा गंगोला, संचालन दीक्षा कन्याल और तनुजा ने किया। यहां डॉ. हेमलता, डॉ. सांभवी, डॉ. ललित पांडे, संजय जोशी, भारत कुमार, गोकुलानंद, सोनाली, दीवान सिंह, रवि मिश्रा, कृष्णा, कमलेश भट्ट, सुंदर जीना आदि थे।