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डॉ. राजेश बने आईआईएससी बेंगलुरु में असिस्टेंट प्रोफेसर
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डॉ. राजेश चौंसाली।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/पिथौरागढ़। अल्मोड़ा के हीराडुंगरी निवासी डॉ. राजेश चौंसाली का चयन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) बेंगलुरु में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है।
उन्होंने विवेकानंद इंटर कॉलेज से वर्ष 2004 में हाईस्कूल परीक्षा 81.5 फीसदी और राजकीय इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2006 में 82 फीसदी अंकों के साथ पास की।
इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मद्रास से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक किया। यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन (सिआटल, अमेरिका) से पीएचडी की।
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राजेश पिछले दो वर्ष से फ्रांस के सीएनआरएस में पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च कर रहे हैं। राजेश का चयन आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी मद्रास में भी असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हो चुका है लेकिन उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) बेंगलुरु में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद को चुना है।
राजेश के पिता डॉ. कृष्णानंद चौंसाली गांधी इंटर कॉलेज पनुवानौला से प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हैं। उनकी माता देवकी चौंसाली गृहिणी हैं।
राजेश के बड़े भाई डॉ. पीयूष चौंसाली आईआईटी मद्रास के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, जबकि बहन लता चौंसाली अमेरिका में शोध कर रहीं हैं।
कांडा गांव (पिथौरागढ़) के मूल निवासी राजेश ने उपलब्धि का श्रेय अपनी मेहनत, परिवारजनों और गुरुजनों को दिया है। पूर्व प्रधानाचार्य मदन मोहन वर्मा, डॉ. जीवन सिंह रावत, दीवान मेहरा, चंदन मेहरा समेत ग्राम कांडा निवासी कृष्णानंद चौसाली, भुवन चौसाली, सुरेश चौसाली, चंद्रकांत चौसाली आदि ने खुशी जताई है।
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उन्होंने विवेकानंद इंटर कॉलेज से वर्ष 2004 में हाईस्कूल परीक्षा 81.5 फीसदी और राजकीय इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2006 में 82 फीसदी अंकों के साथ पास की।
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इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मद्रास से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक किया। यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन (सिआटल, अमेरिका) से पीएचडी की।
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राजेश पिछले दो वर्ष से फ्रांस के सीएनआरएस में पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च कर रहे हैं। राजेश का चयन आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी मद्रास में भी असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हो चुका है लेकिन उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) बेंगलुरु में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद को चुना है।
राजेश के पिता डॉ. कृष्णानंद चौंसाली गांधी इंटर कॉलेज पनुवानौला से प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हैं। उनकी माता देवकी चौंसाली गृहिणी हैं।
राजेश के बड़े भाई डॉ. पीयूष चौंसाली आईआईटी मद्रास के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, जबकि बहन लता चौंसाली अमेरिका में शोध कर रहीं हैं।
कांडा गांव (पिथौरागढ़) के मूल निवासी राजेश ने उपलब्धि का श्रेय अपनी मेहनत, परिवारजनों और गुरुजनों को दिया है। पूर्व प्रधानाचार्य मदन मोहन वर्मा, डॉ. जीवन सिंह रावत, दीवान मेहरा, चंदन मेहरा समेत ग्राम कांडा निवासी कृष्णानंद चौसाली, भुवन चौसाली, सुरेश चौसाली, चंद्रकांत चौसाली आदि ने खुशी जताई है।

डॉ. राजेश।- फोटो : PITHORAGARH