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अल्मोड़ा, बागेश्वर की 570 सड़कें फाइलों में उलझी
ब्यूूराे, अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 05 Aug 2015 01:26 AM IST
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सरकार के सड़कों के निर्माण में तेजी लाने के दावे धरातल पर नहीं उतर रहे हैं। अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले में स्वीकृत 1091 सड़कों में से 570 सड़कों का निर्माण कार्य सर्वेक्षण, वन भूमि स्वीकृति, समरेखण विवाद अन्य कारणों के चलते कागजी कार्रवाई में उलझा पड़ा है।
समय पर कार्य शुरू नहीं होने से इनकी लागत में भी इजाफा हो रहा है। पर न तो सरकार और न ही संबंधित विभाग इस ओर ध्यान दे रहे हैं। पिछले डेढ़ दशक में अल्मोड़ा जिले में कुल 602 सड़कें मंजूर हुईं।
इनके लिए सरकार ने 517.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इनमें से मात्र 215 सड़कों पर ही काम शुरू हुआ है। जबकि 387 कार्य ठप पड़े हैं।
इनमें 80 सड़कों सर्वेक्षण स्तर, 28 समरेखण विवाद, 61 सड़कों वन भूमि पत्रावली, 11 सड़कें जिला स्तर, आठ सड़कें डीएफओ, 27 नोडल अधिकारी देहरादून, 39 सड़कें भारत सरकार, एक सड़क कटान स्तर पर, 18 निविदा स्तर, 91 सड़कें अन्य कारणों से लंबित हैं।
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23 सड़कों को वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है पर विधिवत स्वीकृति का इंतजार है। यही हाल बागेश्वर जिले का भी है। बागेश्वर जिले में 489 सड़कों के लिए 217.54 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 306 सड़कों में काम चल रहा है।
183 सड़कों की फाइलें कागजी कार्रवाई में उलझी हैं। इनमें से 74 सड़क सर्वेक्षण स्तर, 22 समरेखण विवाद, 13 वन भूमि पत्रावली, एक जिला स्तर पर, दो डीएफओ, 29 नोडल अधिकारी देहरादून, एक भारत सरकार, 16 अन्य कारणों से लंबित हैं, जबकि 25 सड़कों को वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है।
सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर सैकड़ों गांवों के ग्रामीण यातायात सुविधा से वंचित चल रहे हैं। यह लोग कई किमी पैदल चलकर सड़क तक पहुंचते हैं।
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समय पर कार्य शुरू नहीं होने से इनकी लागत में भी इजाफा हो रहा है। पर न तो सरकार और न ही संबंधित विभाग इस ओर ध्यान दे रहे हैं। पिछले डेढ़ दशक में अल्मोड़ा जिले में कुल 602 सड़कें मंजूर हुईं।
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इनके लिए सरकार ने 517.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इनमें से मात्र 215 सड़कों पर ही काम शुरू हुआ है। जबकि 387 कार्य ठप पड़े हैं।
इनमें 80 सड़कों सर्वेक्षण स्तर, 28 समरेखण विवाद, 61 सड़कों वन भूमि पत्रावली, 11 सड़कें जिला स्तर, आठ सड़कें डीएफओ, 27 नोडल अधिकारी देहरादून, 39 सड़कें भारत सरकार, एक सड़क कटान स्तर पर, 18 निविदा स्तर, 91 सड़कें अन्य कारणों से लंबित हैं।
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23 सड़कों को वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है पर विधिवत स्वीकृति का इंतजार है। यही हाल बागेश्वर जिले का भी है। बागेश्वर जिले में 489 सड़कों के लिए 217.54 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 306 सड़कों में काम चल रहा है।
183 सड़कों की फाइलें कागजी कार्रवाई में उलझी हैं। इनमें से 74 सड़क सर्वेक्षण स्तर, 22 समरेखण विवाद, 13 वन भूमि पत्रावली, एक जिला स्तर पर, दो डीएफओ, 29 नोडल अधिकारी देहरादून, एक भारत सरकार, 16 अन्य कारणों से लंबित हैं, जबकि 25 सड़कों को वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है।
सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर सैकड़ों गांवों के ग्रामीण यातायात सुविधा से वंचित चल रहे हैं। यह लोग कई किमी पैदल चलकर सड़क तक पहुंचते हैं।