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अब क्या होगा आवासीय विवि और शिल्प संस्थान का
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 28 Mar 2016 10:37 PM IST
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प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा घोषित कई योजनाओं में ग्रहण लगने की आशंका है। मुख्यमंत्री रावत ने अल्मोड़ा में आवासीय विद्यालय खोलने, गुरुड़ाबांज में हरिप्रसाद टम्टा शिल्प उन्नयन संस्थान स्थापित करने सहित हाल में कई घोषणाएं की थीं। इन योजनाओं के लिए अभी तक खास धन नहीं मिल पाया है। श्री रावत के सीएम पद से हटने के बाद इन योजनाओं के अधर में लटकने की आशंका है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अल्मोड़ा में आवासीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी। इसका एक्ट भी बन चुका है, लेकिन इससे आगे खास कुछ नहीं हुआ है। अभी तक आवासीय विवि के लिए जमीन भी अधिग्रहीत नहीं की गई है। साथ ही बजट भी मंजूर नहीं किया गया है। रावत सरकार ने जिले के गुरुड़ाबांज में 100 करोड़ रुपये की लागत से हरिप्रसाद टम्टा शिल्प उन्नयन संस्थान स्थापित करने की भी घोषणा की थी। करीब पांच माह पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुड़ाबांज आकर इस प्रस्तावित संस्थान का शिलान्यास किया था ,लेकिन 100 करोड़ रुपये से प्रस्तावित इस संस्थान के लिए अब तक सिर्फ एक करोड़ रुपये ही स्वीकृत किए गए हैं।
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इस राशि से फिलहाल जमीन की चहारदीवारी आदि ही बन सकी है। बताया गया है कि राज्य सरकार द्वारा हाल में पारित किए गए बजट में भी इन दोनों प्रस्तावित संस्थानों के लिए धन मंजूर नहीं किया गया है। अब राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाने के बाद प्रस्तावित आवासीय विवि और शिल्प उन्नयन संस्थान का भविष्य भी अधर में लटक गया है। यही नहीं रावत सरकार के कार्यकाल में अल्मोड़ा माल रोड से धारानौला के लिए सुरंग बनाने, अल्मोड़ा से विकास भवन और कसारदेवी के लिए रोप-वे बनाने सहित कुछ अन्य योजनाओं की घोषणाएं भी हुई थी, लेकिन इन योजनाओं के भी फिलहाल जल्दी अस्तित्व में आने की संभावना कम ही है।
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