{"_id":"6a00b960e62611f8e10a597c","slug":"a-youth-was-duped-of-rs-88-lakh-by-threatening-to-implicate-him-in-a-terrorism-case-almora-news-c-232-1-alm1019-143214-2026-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: आतंकवाद केस में फंसाने का डर दिखाकर युवक से 8.8 लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: आतंकवाद केस में फंसाने का डर दिखाकर युवक से 8.8 लाख की ठगी
Sun, 10 May 2026 10:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 10 May 2026 10:29 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। भतरौंजखान थाना क्षेत्र के धारड़ गांव निवासी एक युवक से साइबर ठगों ने आतंकवाद मामले में फंसाने का डर दिखाकर 8.8 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
धारड़ गांव निवासी जीवन सिंह रावत ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बीते 10 मार्च को उनके व्हाट्सएप पर एक नंबर से संदेश आया। संदेश भेजने वाले ने खुद को एटीएस विभाग पुणे का इंस्पेक्टर सुमित मिश्रा बताया। उसने कहा कि उनके मोबाइल नंबर से आतंकवादियों को पैसे भेजे गए हैं। साथ ही एक फर्जी केस नंबर बताकर उन्हें डराया गया। पीड़ित के अनुसार ठगों ने उन्हें आतंकवादियों की तस्वीरें और सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी दस्तावेज भेजकर उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई। पीड़ित ने बताया कि डर और मानसिक दबाव के चलते वह लगातार ठगों के संपर्क में रहा। बाद में अलग-अलग नंबरों से खुद को जांच अधिकारी बताने वाले लोगों ने वीडियो कॉल के जरिए उसे डराया और किसी को भी जानकारी न देने के लिए कहा। ठगों ने कहा कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और उनका मोबाइल सर्विलांस पर है। बताया कि इस दौरान ठगों ने उनसे गूगल पे अकाउंट बनवाया, बैंक कार्ड एक्टिव कराए और जांच के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल नौ बार पैसे ट्रांसफर करवा लिए। 18 मार्च से 31 मार्च के बीच युवक से करीब 8.8 लाख रुपये ठग लिए गए।
पीड़ित ने बताया कि इस घटना से उसे आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक आघात भी पहुंचा है। उसने मामले की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर भी दर्ज कराई है। पुलिस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
धारड़ गांव निवासी जीवन सिंह रावत ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बीते 10 मार्च को उनके व्हाट्सएप पर एक नंबर से संदेश आया। संदेश भेजने वाले ने खुद को एटीएस विभाग पुणे का इंस्पेक्टर सुमित मिश्रा बताया। उसने कहा कि उनके मोबाइल नंबर से आतंकवादियों को पैसे भेजे गए हैं। साथ ही एक फर्जी केस नंबर बताकर उन्हें डराया गया। पीड़ित के अनुसार ठगों ने उन्हें आतंकवादियों की तस्वीरें और सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी दस्तावेज भेजकर उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई। पीड़ित ने बताया कि डर और मानसिक दबाव के चलते वह लगातार ठगों के संपर्क में रहा। बाद में अलग-अलग नंबरों से खुद को जांच अधिकारी बताने वाले लोगों ने वीडियो कॉल के जरिए उसे डराया और किसी को भी जानकारी न देने के लिए कहा। ठगों ने कहा कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और उनका मोबाइल सर्विलांस पर है। बताया कि इस दौरान ठगों ने उनसे गूगल पे अकाउंट बनवाया, बैंक कार्ड एक्टिव कराए और जांच के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल नौ बार पैसे ट्रांसफर करवा लिए। 18 मार्च से 31 मार्च के बीच युवक से करीब 8.8 लाख रुपये ठग लिए गए।
विज्ञापन
पीड़ित ने बताया कि इस घटना से उसे आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक आघात भी पहुंचा है। उसने मामले की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर भी दर्ज कराई है। पुलिस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।
विज्ञापन