फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी का सपना अभी अधूरा

उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी का सपना अभी अधूरा

Tue, 29 Apr 2014 05:31 AM IST
Almora
Almora Updated Tue, 29 Apr 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
अल्मोड़ा। नृत्य सम्राट स्व. उदय शंकर की स्मृति में अल्मोड़ा में राष्ट्रीय संगीत नाट्य अकादमी स्थापित करने का निर्णय उदय शंकर की पत्नी अमला शंकर के आग्रह पर 2002 में तत्कालीन केंद्रीय पर्यटन मंत्री जगमोहन ने लिया था और उन्हीं के प्रयासों से तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम इस भवन का शिलान्यास करने यहां आए, लेकिन करीब आठ साल बीतने को हैं अब तक अकादमी के भवन का काम ही पूरा नहीं हो सका है। अंतिम चरण का काम पूरा करने के लिए 1.60 करोड़ रुपए की जरूरत है, लेकिन शासन से यह धनराशि उपलब्ध नहीं हो पा रही है जिससे काम रुका पड़ा है। इन स्थितियों में कहा नहीं जा सकता कि यह संस्थान कब तक शुरू होगा।
अल्मोड़ा विश्वविख्यात नृत्य सम्राट स्व. उदय शंकर की कर्म भूमि रही है। उन्होंने अल्मोड़ा में 1938 में द उदय शंकर कल्चर सेंटर की स्थापना की और 1938 से 1943 तक इस सेंटर को यहां चलाया। बाद में भी उनका अल्मोड़ा आना जाना लगा रहा, लेकिन अल्मोड़ा में स्थायी कल्चर सेंटर बनाने का उनका सपना अधूरा रह गया। उदय शंकर के इस सपने को पूरा करने के लिए बाद में उनकी पत्नी अमला शंकर ने प्रयास किए। उन्हीं के आग्रह पर 2002 में तत्कालीन केंद्रीय पर्यटन मंत्री जगमोहन ने अल्मोड़ा में राष्ट्रीय संगीत नाट्य अकादमी के निर्माण को मंजूरी दी।
विज्ञापन

अकादमी के भवन की आधारशिला अक्तूबर 2002 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने रखी। राष्ट्रपति द्वारा शिलान्यास करने के बावजूद इस भवन के निर्माण में शुरू से ही दिक्कतें हुईं। तब भवन निर्माण की समय सीमा अक्तूबर 2005 रखी गई थी लेकिन समय से धनराशि नहीं मिलने के कारण बीच में करीब एक साल तक निर्माण कार्य ठप पड़ा रहा। बाद में धनराशि मिलने के बाद दोबारा काम शुरू हो सका। करीब आठ करोड़ खर्च होने के बाद अंतिम चरण के कार्य के लिए पैसा कम पड़ गया है और पिछले छह माह से काम रुका पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अंतिम चरण में विद्युत और यांत्रिक कार्यों आदि के लिए निर्माण एजेंसी सीपीडब्लूडी ने करीब 1.60 करोड़ रुपए की और जरूरत बताई है। फिलहाल संस्कृति विभाग के पास इतनी धनराशि उपलब्ध नहीं है। प्रदेश सरकार इस धनराशि के लिए एक बार फिर केंद्र सरकार से उम्मीदें लगाए हुए है। प्रदेश की संस्कृति निदेशक वीना भट्ट ने बताया कि काम पूरा करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि पहले चरण में प्रदर्शनी कक्ष को जुलाई तक शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed