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प्रमुख वन संरक्षक से लगायी बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने की गुहार
Updated Fri, 25 May 2018 12:00 AM IST
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अल्मोड़ा। नगर में बंदरों, आवारा कुत्तों, जानवरों के बढ़ते आतंक से लोग परेशान हैं। सर्व सांगठनिक मंच ने अल्मोड़ा आए प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक जयराज को ज्ञापन सौंपकर बंदरों, जानवरों के आतंक से छुटकारा दिलाने की गुहार लगाई।
ग्रामीणों ने बताया कि नगर में बंदरों, आवारा कुत्तों, जंगली जानवरों का आतंक बढ़ गया है। इस कारण बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल होता जा रहा है। बंदर, आवारा कुत्ते कई लोगों को काट कर घायल कर चुके हैं। छोटे बच्चों को अकेले स्कूल भेजने में खतरा बना रहता है। अभिभावक बच्चों के स्कूल से घर पहुंचने तक मानसिक तनाव में रहते हैं। उत्तराखंड में अल्मोड़ा, पौड़ी जिले में ही सबसे ज्यादा पलायन हुआ है। इसका मुख्य कारण बंदरों, जंगली जानवरों का बढ़ता आतंक है। बंदरों का आतंक रोकने के लिए इनका बधियाकरण किया जाए। मैदानी क्षेत्रों से कुछ लोग बंदरों को अल्मोड़ा के आसपास छोड़ जा रहे हैं। चेकपोस्टों पर निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि बंदरों, जंगली जानवरों के आतंक की समस्या समूचे राज्य की है। इस पर नियंत्रण के लिए ठोस नीति बनाना आवश्यक है। सरकार को हिमाचल की तर्ज पर ठोस नीति बनानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में महिला कल्याण संस्था की अध्यक्ष रीता दुर्गापाल, सरला बिष्ट, कांग्रेस नगर अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला, लीला खोलिया, इंदिरा लोहनी, आशा कर्नाटक, पुष्पा सती, शांति साह, जीसी जोशी, अरुण कुमार पंत, आनंद बगड़वाल, मनोज सनवाल आदि थे।
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ग्रामीणों ने बताया कि नगर में बंदरों, आवारा कुत्तों, जंगली जानवरों का आतंक बढ़ गया है। इस कारण बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल होता जा रहा है। बंदर, आवारा कुत्ते कई लोगों को काट कर घायल कर चुके हैं। छोटे बच्चों को अकेले स्कूल भेजने में खतरा बना रहता है। अभिभावक बच्चों के स्कूल से घर पहुंचने तक मानसिक तनाव में रहते हैं। उत्तराखंड में अल्मोड़ा, पौड़ी जिले में ही सबसे ज्यादा पलायन हुआ है। इसका मुख्य कारण बंदरों, जंगली जानवरों का बढ़ता आतंक है। बंदरों का आतंक रोकने के लिए इनका बधियाकरण किया जाए। मैदानी क्षेत्रों से कुछ लोग बंदरों को अल्मोड़ा के आसपास छोड़ जा रहे हैं। चेकपोस्टों पर निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि बंदरों, जंगली जानवरों के आतंक की समस्या समूचे राज्य की है। इस पर नियंत्रण के लिए ठोस नीति बनाना आवश्यक है। सरकार को हिमाचल की तर्ज पर ठोस नीति बनानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में महिला कल्याण संस्था की अध्यक्ष रीता दुर्गापाल, सरला बिष्ट, कांग्रेस नगर अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला, लीला खोलिया, इंदिरा लोहनी, आशा कर्नाटक, पुष्पा सती, शांति साह, जीसी जोशी, अरुण कुमार पंत, आनंद बगड़वाल, मनोज सनवाल आदि थे।
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