{"_id":"5c34dcfbbdec2256e1301fcd","slug":"11546968315-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गढ़खेत और बगोटिया में तेंदुए का आतंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गढ़खेत और बगोटिया में तेंदुए का आतंक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरुड़(बागेश्वर)। सुदूरवर्ती गांव गढ़खेत और बगोटिया के ग्रामीण तेंदुए के डर से सहमे हैं। उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को कैद करने के लिए गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है।
गढ़खेत के प्रधान भुवन चंद्र ने बताया कि गढ़खेत और बगोटिया गांव के ग्रामीण तेंदुओं के आतंक से सहमे है। तेंदुए शाम होते ही आबादी में दस्तक दे रहे हैं। हालांकि ग्रामीण तेंदुओं के आतंक से बचने के लिए बाजार से समय पर घर लौट रहे है।
तेंदुओं को भगाने के लिए ग्रामीण शाम होते ही कनस्तर बजाना शुरू कर देते है। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गढ़खेत के प्रधान भुवन चंद्र ने बताया कि गढ़खेत और बगोटिया गांव के ग्रामीण तेंदुओं के आतंक से सहमे है। तेंदुए शाम होते ही आबादी में दस्तक दे रहे हैं। हालांकि ग्रामीण तेंदुओं के आतंक से बचने के लिए बाजार से समय पर घर लौट रहे है।
विज्ञापन
तेंदुओं को भगाने के लिए ग्रामीण शाम होते ही कनस्तर बजाना शुरू कर देते है। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है।
विज्ञापन