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'आज मैंने जो देखा, काफी तकलीफदेह है वो'

Wed, 19 Jun 2013 11:49 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 19 Jun 2013 11:49 PM IST
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pm announces rs.1,000 cr relief for flood-hit u'khand

उत्तराखंड में आसमान से बरसी आफत ने अभी तक सैकड़ों लोगों की जान ले ली है, जबकि हजारों की संख्या में लोग लापता हैं।

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फंसे हुए सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालांकि विभिन्न स्थानों पर करीब 61 हजार यात्रियों के अब भी फंसे होने का अनुमान है।

तस्वीरों में देखिए: उत्तराखंड में बारिश से तबाही

प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा, "यूपीए अध्यक्ष और मैंने जो आज देखा, वो काफी तकलीफदेह है। इस आपदा में अभी तक 102 लोगों के मरने की आशंका है। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।"
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नई दिल्ली में जारी वक्तव्य में उन्होंने कहा कि अब तक 10 हजार लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से निकाला जा चुका है। उत्तराखंड सरकार को कुल 1 हजार करोड़ रुपये की मदद जारी की गई है। इसमें से 145 करोड़ की मदद भेज दी गई है।

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पीएम ने कहा कि 5,500 जवान राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। इसके अलावा वायुसेना के जवान भी राहत कार्य में जुटे हैं।

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मनमोहन सिंह ने बताया कि इस आपदा में जिनके घर बर्बाद हुए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री राहत कोष की तरफ से 1-1 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।

तस्वीरों में देखिए: तबाही का मंजर

'उत्तराखंड में सौ साल में नहीं हुई ऐसी त्रासदी'
उत्तराखंड में बाढ़ की त्रासदी को लेकर मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर उन्हें प्रदेश के भयावह हालातों की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री से प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सहायता भी मांगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय में बसे किसी प्रदेश में सौ साल में ऐसी त्रासदी नहीं हुई है। इससे निपटने में समय लगेगा। राज्य सरकार प्रदेश के हजारों नागरिकों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सैकड़ों लोग मारे गए हैं। एक शहर नहीं कई जिले तबाह हो गए हैं। कई गांव के गांव डूब गए है। हजारों लोग लापता हैं। इसलिए आंकड़ों का अभी सटीक पता लगाया नहीं जा सकता।

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