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अब दो-तीन साल बाद होगी केदारनाथ यात्रा
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 19 Jun 2013 07:58 PM IST
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यह खबर उन भक्तों का दिल तोड़ सकती है, जो निकट भविष्य में चार धाम यात्रा पर निकलने की योजना बना रहे हैं। उत्तराखंड में मची भारी तबाही और केदारनाथ में बरपे कुदरत के कहर ने पर्यटन सेक्टर पर गहरी चोट मारी है।
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राज्य सरकार के सूत्रों का कहना है कि केदारनाथ यात्रा दोबारा शुरू होने में दो से तीन साल का वक्त लग सकता है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक केदारनाथ परिसर को भारी नुकसान पहुंचा है।
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केदारनाथः आंखों से छलका दर्द
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वहां आई बाढ़ ने उस पूरे इलाके को गाद, मलबे और पत्थरों से पाट दिया है। इसके कारण वहां बने बहुत से मकान, होटल और दुकाने जमींदोज हो चुके हैं। यहां तक कि सड़क का नामोनिशान तक नहीं बचा है।
तस्वीरों में देखिए: उत्तराखंड में बारिश से तबाही
इस तबाही की वजह से कई गांव शेष देश से कट चुके हैं। ऐसे गांवों तक पहुंचने में राहत और बचाव दलों को दो-तीन हफ्ते का वक्त लग सकता है। कई गांव पूरे बह चुके हैं और अब सिर्फ निशान बचे हैं।
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अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं हैं कि इस तबाही में कुल कितने लोग मारे गए हैं, क्योंकि ऐसे कई प्रभावित इलाके हैं, जहां तक बचाव दल अभी पहुंचा ही नहीं है।
तस्वीरों में देखिए: तबाही का मंजर
फिलहाल केदारनाथ से लोगों को निकालकर सैन्य कैंप तक लाया जा रहा है, जहां खाने और दवाई का बुनियादी इंतजाम है।
भक्तों को गौरीकुंड से केदारनाथ तक ले जाने वाले करीब 5000 गाइड और उनके खच्चरों का कोई अता-पता नहीं है। सरकार ने उन लोगों को लेकर चिंता भी जताई है, जो लोग उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हैं।