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किताब रखकर छात्र लिख रहे जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Tue, 15 Mar 2016 12:41 AM IST
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स्कूल में किताबें रखकर परीक्षा देते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव/बीघापुर। परिषदीय स्कूलों की वार्षिक परीक्षा मखौल बनकर रह गई है। छात्र-छात्राएं किताबें साथ में रखकर परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर यह पता नहीं चल पा रहा है कि छात्र परीक्षा दे रहे हैं या फिर पढ़ाई कर रहे हैं। प्रशभनपत्र आने से लेकर परीक्षा शुरू होने तक वार्षिक परीक्षा के मानकों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। सबसे खराब स्थित ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की रही। छात्र-छात्राएं झुंड बनाकर परीक्षा दे रहे हैं।
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सोमवार से परिषदीय स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई। पहले दिन ही परीक्षाकेंद्रों पर प्रशभनपत्र कम पहुंचे। कक्षा एक से आठ तक के परीक्षार्थियों की हिंदी की परीक्षा थी। बीघापुर प्राथमिक विद्यालय में कक्षा सात में 23 छात्रों के सापेक्ष 11 प्रशभनपत्र ही पहुंचे थे। उनमें भी चार प्रशभनपत्रों में एक तरफ ही प्रिंट था। दूसरी ओर सादा पड़ा हुआ था। परीक्षा केंद्र की स्थिति यह थी कि छात्र-छात्राएं झुंड बनाकर परीक्षा दे रहे हैं।
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उत्तर पुस्तिकाओं के साथ बच्चे किताबें खोलकर परीक्षा दे रहे हैं। प्रधान टीचर रानी देवी से परीक्षा व्यवस्था की जानकारी ली गई तो वह चुप्पी साध गईं। कटरा प्राथमिक स्कूल में बच्चे टीचर रुझन को घेरकर खडे़ थे। कैमरे की लाइट चमकते ही टीचर ने बच्चों को सीधे बैठने के निर्देश दिए। वहीं ओसिया उच्च प्राथमिक विद्यालय कहने को तो आदर्श स्कूल है। लेकिन िपरीक्षा में पारदर्शिता तार-तार नजर आई। प्रा.वि. गौरी में छात्र-छात्राएं परीक्षा देते नजर आए।
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