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खाद्यान्न वितरण को लेकर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 15 Mar 2016 12:37 AM IST
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सिद्धार्थनगर में तहसील दिवस में सोमवार को खाद्यान्न वितरण में अनियमितता को लेकर जमकर हंगामा हुआ। शिकायत लेकर पहुंचे खैराही टोला वभनी मजिगांवा के कार्डधारकों की पूर्ति निरीक्षक से तीखी झड़प हुई। ग्रामीणों का गुस्सा देख पूर्ति निरीक्षक वहां से खिसक लिए।
बाद में एसडीएम ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए शिकायत की जांच के बाद समुचित कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। रामगढ़ के ग्रामीणों ने भी कोटे की दुकान को लेकर विरोध दर्ज कराया। तहसील दिवस में कुल 16 मामले आए, इसमें दो का निस्तारण हो पाया।
बर्डपुर ब्लॉक के खैराही टोला ग्राम पंचायत के टोला बभनी मजिगांवा के कार्डधारक छठू प्रसाद, रामधनी पासवान, इंद्रवती, प्रभावती, रेशमा, कुसुम, सोना देवी आदि का कहना था कि गांव के कोटेदार ने जनवरी-फरवरी, मार्च माह का खाद्यान्न व चीनी-तेल का वितरण नहीं किया है।
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रविवार को ग्रामीण सामग्री लेने कोटे की दुकान पर पहुंचे तो कोटेदार ने सबके कार्ड जमा करा लिए और फिर 2 किलो चीनी चढ़ा दिया। वितरण के समय सिर्फ एक से डेढ़ किलो ही दिया जा रहा था। इसका विरोध करने पर कोटेदार गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतारु हो गया।
तहसील दिवस में उपस्थित क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक से ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाने लगे। बाद में एसडीएम राजितराम प्रजापति ने मामले का संज्ञान लेते हुए पूर्ति निरीक्षक को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। नौगढ़ ब्लॉक के रामगढ़ टोला सेखुइया के कार्डधारकों ने कोटेदार के खिलाफ जांच के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर आपत्ति जताई।
ग्रामीण अब्दुल रहमान, राजेन्द्र प्रसाद, मुबारक हुसैन, रामनिवास यादव आदि का कहना था कि वितरण में मनमानी और अधिक रेट वसूलने की शिकायत पर जांच हुई थी। इसमें गड़बड़ियां मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे साफ जाहिर है कि अफसर खुद अनियमितता को बढ़ावा दे रहे हैं। तहसील दिवस में राजस्व के 4, विकास विभाग के 3, पुलिस के 1 व अन्य विभागों से संबंधित 8 मामले आए जिसमें सिर्फ राजस्व के दो मामलों का ही मौके पर निस्तारण हो पाया।
बाद में एसडीएम ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए शिकायत की जांच के बाद समुचित कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। रामगढ़ के ग्रामीणों ने भी कोटे की दुकान को लेकर विरोध दर्ज कराया। तहसील दिवस में कुल 16 मामले आए, इसमें दो का निस्तारण हो पाया।
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बर्डपुर ब्लॉक के खैराही टोला ग्राम पंचायत के टोला बभनी मजिगांवा के कार्डधारक छठू प्रसाद, रामधनी पासवान, इंद्रवती, प्रभावती, रेशमा, कुसुम, सोना देवी आदि का कहना था कि गांव के कोटेदार ने जनवरी-फरवरी, मार्च माह का खाद्यान्न व चीनी-तेल का वितरण नहीं किया है।
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रविवार को ग्रामीण सामग्री लेने कोटे की दुकान पर पहुंचे तो कोटेदार ने सबके कार्ड जमा करा लिए और फिर 2 किलो चीनी चढ़ा दिया। वितरण के समय सिर्फ एक से डेढ़ किलो ही दिया जा रहा था। इसका विरोध करने पर कोटेदार गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतारु हो गया।
तहसील दिवस में उपस्थित क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक से ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाने लगे। बाद में एसडीएम राजितराम प्रजापति ने मामले का संज्ञान लेते हुए पूर्ति निरीक्षक को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। नौगढ़ ब्लॉक के रामगढ़ टोला सेखुइया के कार्डधारकों ने कोटेदार के खिलाफ जांच के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर आपत्ति जताई।
ग्रामीण अब्दुल रहमान, राजेन्द्र प्रसाद, मुबारक हुसैन, रामनिवास यादव आदि का कहना था कि वितरण में मनमानी और अधिक रेट वसूलने की शिकायत पर जांच हुई थी। इसमें गड़बड़ियां मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे साफ जाहिर है कि अफसर खुद अनियमितता को बढ़ावा दे रहे हैं। तहसील दिवस में राजस्व के 4, विकास विभाग के 3, पुलिस के 1 व अन्य विभागों से संबंधित 8 मामले आए जिसमें सिर्फ राजस्व के दो मामलों का ही मौके पर निस्तारण हो पाया।