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नहर कटी, 1000 बीघा गेहूं की फसल डूबी
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Thu, 10 Mar 2016 12:46 AM IST
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रायबरेली में नहर कटने से पानी में डूबी गेहूं की फसल
- फोटो : अमर उजाला
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सिंचाई विभाग के अफसरों और कर्मचारियों की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। मंगलवार रात डीह रजबहा की पटरी जर्जर होने के कारण कट गई। इससे एक हजार बीघे गेहूं की फसल में पानी भर गया। फसल जलमग्न होने के कारण काफी फसल धराशायी भी हो गई।
ऐसे में जमीन पर गिरी फसल के सड़ने का खतरा मंडराने लगा है। सूचना के बावजूद कोई अफसर, कर्मचारी नहीं पहुंचा। इस पर किसानों को खुद कटी पटरी को बांधना पड़ी। आए दिन पटरी कटान होने से हो रहे नुकसान पर किसानों में आक्रोश है। सभी का कहना है कि फसल नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
डीह ब्लॉक क्षेत्र से निकले डीह रजबहा से नारायणपुर, सातनपुर, कमालपुर बढ़ैला, खरिका गांव के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। नारायणपुर गांव के पास डीह रजबहा की पटरी मंगलवार रात कट गई। इससे इन गांवों की एक हजार बीघे गेहूं की फसल में पानी भर गया।
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बताया जा रहा है कि पटरी जर्जर थी, जिसकी मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजतन पटरी कट गई। सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे किसान स्वयं फावड़ा लेकर खेतों में पहुंचे और पटरी को बांध दिया।
पानी फसलों में इस कदर भरा कि कई बीघे फसल जमीन पर गिर गई है, जिसके सड़ने का खतरा मंडराने लगा है। फसल नुकसान पर किसानों में जबरदस्त नाराजगी है। किसान वासुदेव, संतलाल, दिनेश, रामपाल का कहना कि डीह रजबहा की पटरी की मरम्मत नहीं कराई जाती है।
इसलिए पटरी जर्जर हो गई है। पानी का दबाव पड़ने के कारण पटरी कट गई। इससे उनकी गेहूं की फसल डूब गई है। पानी इतना भर गया है कि कुछ फसल तो जमीन पर गिर गई है। अधिकारियों को इसकी सूचना भी कई बार दी गई, लेकिन पटरी की मरम्मत नहीं कराई गई।
डीह रजबहा की पटरी कटने के कारण प्राथमिक स्कूल खरिका में पानी भर गया। यहां पर 58 बच्चे पढ़ाई करते हैं। बुधवार सुबह शिक्षक स्कूल पहुंचे तो पानी भरा था। ऐसे में उन्होंने बच्चों की छुट्टी कर दी। साथ ही सभी शिक्षक स्कूल में बैठे रहे।
इंचार्ज प्रधानाचार्य सुमन देवी ने बताया कि रजबहा कटान की वजह से स्कूल परिसर में पानी भर गया था। इससे पढ़ाई का कार्य नहीं हो सका। बच्चों को छुट्टी दे दी गई, जबकि हम लोग स्कूल में ही रहे। बच्चों की पढ़ाई न होने से अभिभावकों में नाराजगी रही।
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ऐसे में जमीन पर गिरी फसल के सड़ने का खतरा मंडराने लगा है। सूचना के बावजूद कोई अफसर, कर्मचारी नहीं पहुंचा। इस पर किसानों को खुद कटी पटरी को बांधना पड़ी। आए दिन पटरी कटान होने से हो रहे नुकसान पर किसानों में आक्रोश है। सभी का कहना है कि फसल नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
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डीह ब्लॉक क्षेत्र से निकले डीह रजबहा से नारायणपुर, सातनपुर, कमालपुर बढ़ैला, खरिका गांव के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। नारायणपुर गांव के पास डीह रजबहा की पटरी मंगलवार रात कट गई। इससे इन गांवों की एक हजार बीघे गेहूं की फसल में पानी भर गया।
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बताया जा रहा है कि पटरी जर्जर थी, जिसकी मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजतन पटरी कट गई। सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे किसान स्वयं फावड़ा लेकर खेतों में पहुंचे और पटरी को बांध दिया।
पानी फसलों में इस कदर भरा कि कई बीघे फसल जमीन पर गिर गई है, जिसके सड़ने का खतरा मंडराने लगा है। फसल नुकसान पर किसानों में जबरदस्त नाराजगी है। किसान वासुदेव, संतलाल, दिनेश, रामपाल का कहना कि डीह रजबहा की पटरी की मरम्मत नहीं कराई जाती है।
इसलिए पटरी जर्जर हो गई है। पानी का दबाव पड़ने के कारण पटरी कट गई। इससे उनकी गेहूं की फसल डूब गई है। पानी इतना भर गया है कि कुछ फसल तो जमीन पर गिर गई है। अधिकारियों को इसकी सूचना भी कई बार दी गई, लेकिन पटरी की मरम्मत नहीं कराई गई।
डीह रजबहा की पटरी कटने के कारण प्राथमिक स्कूल खरिका में पानी भर गया। यहां पर 58 बच्चे पढ़ाई करते हैं। बुधवार सुबह शिक्षक स्कूल पहुंचे तो पानी भरा था। ऐसे में उन्होंने बच्चों की छुट्टी कर दी। साथ ही सभी शिक्षक स्कूल में बैठे रहे।
इंचार्ज प्रधानाचार्य सुमन देवी ने बताया कि रजबहा कटान की वजह से स्कूल परिसर में पानी भर गया था। इससे पढ़ाई का कार्य नहीं हो सका। बच्चों को छुट्टी दे दी गई, जबकि हम लोग स्कूल में ही रहे। बच्चों की पढ़ाई न होने से अभिभावकों में नाराजगी रही।