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मोहम्मद न होते तो कुछ भी न होता......
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Tue, 08 Mar 2016 10:53 PM IST
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मजार पर फातिहा पढ़ते अकीदतमंद
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली से आए मशहूर कव्वाल चांद कादरी ने मोहम्मद न होते तो कुछ भी न होता, अल्लाह हो अकबर की न आतीं सदाएं सुनाकर श्रोताओं को झुमा दिया। कव्वाली सुनकर लोग अपनी जगहों पर खड़े होकर कव्वाल का इस्तकबाल करने के लिए मजबूर हो गए।
सरकार ए मदीना से निसबत हो तो ऐसी हो, कव्वाली खूब सराही गई। पढ़ो दरूद पढ़ो, दरूद कव्वाली से श्रोताओं का दिल जीत लिया। यहां सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा। कव्वाली सुनने के लिए जिले के अलावा बांदा, हमीरपुर, छतरपुर, झांसी सहित कई जिलों के लोग मौजूद रहे।
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सरकार ए मदीना से निसबत हो तो ऐसी हो, कव्वाली खूब सराही गई। पढ़ो दरूद पढ़ो, दरूद कव्वाली से श्रोताओं का दिल जीत लिया। यहां सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा। कव्वाली सुनने के लिए जिले के अलावा बांदा, हमीरपुर, छतरपुर, झांसी सहित कई जिलों के लोग मौजूद रहे।
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