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लॉकडाउन: 75 करोड़ के वाणिज्य टैक्स पर संकट

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 06 Apr 2020 01:12 PM IST
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lockdown: recovery of 75 crore gst in crisis
लॉकडाउन के चलते बुंदेलखंड का कारोबार धड़ाम हो चुका है। सबसे ज्यादा सभी बड़े कारोबारियों की फैक्ट्री व प्रतिष्ठान बंद चल रहे हैं। ऐसे में हर महीने मिलने वाला करीब 75 करोड़ रुपये का वाणिज्य टैक्स अप्रैल में मिलना मुश्किल होगा। वाणिज्य कर झांसी जोन के अंतर्गत बुंदेलखंड के सातों जिले आते हैं। इनमें झांसी के अलावा जालौन, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा व चित्रकूट शामिल हैं। बुंदेलखंड में कल कारखानों और बड़े उद्योगों की कमी होने के बाद भी यहां के व्यापारी टैक्स देने में सबसे आगे हैं। झांसी जोन में 34500 जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी हैं, जिसमें 23000 के करीब को हर महीने रिटर्न जमा करना पड़ता है। जबकि, बाकी व्यापारी तीन महीने में रिटर्न दाखिल करते हैं। 23000 में 99 फीसदी से अधिक व्यापारी हर महीने रिटर्न जमा कर रहे हैं। साथ ही, टैक्स से भी सरकार की झोली लक्ष्य से ज्यादा भर रहे हैं। अप्रैल 2019 से जनवरी 2020 तक झांसी जोन को 718.87 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 801.05 करोड़ राजस्व अर्जित किया गया। जोन को वित्तीय सत्र 2019- 2020 में कुल 872.93 करोड़ का लक्ष्य दिया गया है। मगर लॉकडाउन के चलते बाकी लक्ष्य पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। कोरोना वायरस के चलते कारोबार पर मार्च के शुरूआत में ही असर पड़ना शुरू हो गया था। इसके बाद 25 मार्च से लॉकडाउन शुरू हो गया। इस वक्त अधिकांश बड़े कारोबार ठप है। इससे राजस्व को अच्छी खासी हानि होने की उम्मीद है। - लॉकडाउन का निश्चित ही असर टैक्स पर पड़ने वाला है। आगे कितना टैक्स मिल सकेेगा? इस बात का पता लॉकडाउन के बाद ही साफ हो गया। वैसे हर महीने झांसी जोन के सभी जिलों से 70 से 75 करोड़ राजस्व मिलता है। प्रदीप कुमार सिंह, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन। इनसे मिलता है सबसे अधिक राजस्व झांसी जोन में उद्योग और बड़ी फैक्टरियों का अभाव है। इसके बाद भी डायमंड सीमेंट से हर महीने 16 से 17 करोड़, सड़क बनाने वाली कंपनी गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड से चार से पांच करोड़, जीएमआर इंफ्रास्ट्रेक्चर से एक करोड़, जेएमके ऑटो मोबाइल्स से पांच से छह करोड़ व सूरी ऑटोमोबाइल्स से दो से ढाई करोड़ रुपये टैक्स मिलता है।
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