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गौरैया के लिए करें दाने-पानी का इंतजाम
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2016 12:33 AM IST
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हाथरस। गौरैया संरक्षण के लिए हाथरस वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम की कड़ी में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय समामई रूहल में एक गोष्ठी का आयोजन हुआ। अध्यक्षता नरेंद्र सिंह तोमर ने की।
वन विभाग के ऋषि कुमार शर्मा ने बताया कि हमारी प्यारी नन्हीं गौरैया के प्राकृतिक आवासों को हमारे द्वारा ही नष्ट किया जा रहा है। फसलों में तरह-तरह के कीटनाशकों का प्रयोग करने से इनके द्वारा जहरीला दाना चुगने से इनकी मौत हो जाती है। उन्होंने कहा कि गौरैया के इन प्राकृतिक आवास की पूर्ति कृत्रिम आवास से करें। अपने-अपने घर पर इनके चुगने के लिए दाना और पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें, जिससे गौरेया को संरक्षित किया जा सके। नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जिस प्रकार अनेक जीव जंतु अब हमारे बीच जो पहले दिखाई देते थे, अब दिखाई नहीं देते हैं। अगर गौरैया को लेकर भी सक्रियता नहीं दिखाई गई तो इसका दिखना भी आने वाले समय में संभव नहीं होगा।
इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी नाहर सिंह ने वर्ड नेस्ट बॉक्स वितरित किए। उपस्थित लोगों में विजय लक्ष्मी शर्मा, गीता, हेमलता शर्मा, अनुज प्रताप सिंह,ऊषा शर्मा, बिजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, बृजराज सिंह, अमृतलाल, सूर्यप्रताप सिंह, प्रीती शर्मा, यशोधर सिंह, मौना शर्मा, सुमन कुमारी, पुष्पेंद्र उपाध्याय आदि अनेक लोग थे।
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वन विभाग के ऋषि कुमार शर्मा ने बताया कि हमारी प्यारी नन्हीं गौरैया के प्राकृतिक आवासों को हमारे द्वारा ही नष्ट किया जा रहा है। फसलों में तरह-तरह के कीटनाशकों का प्रयोग करने से इनके द्वारा जहरीला दाना चुगने से इनकी मौत हो जाती है। उन्होंने कहा कि गौरैया के इन प्राकृतिक आवास की पूर्ति कृत्रिम आवास से करें। अपने-अपने घर पर इनके चुगने के लिए दाना और पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें, जिससे गौरेया को संरक्षित किया जा सके। नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जिस प्रकार अनेक जीव जंतु अब हमारे बीच जो पहले दिखाई देते थे, अब दिखाई नहीं देते हैं। अगर गौरैया को लेकर भी सक्रियता नहीं दिखाई गई तो इसका दिखना भी आने वाले समय में संभव नहीं होगा।
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इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी नाहर सिंह ने वर्ड नेस्ट बॉक्स वितरित किए। उपस्थित लोगों में विजय लक्ष्मी शर्मा, गीता, हेमलता शर्मा, अनुज प्रताप सिंह,ऊषा शर्मा, बिजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, बृजराज सिंह, अमृतलाल, सूर्यप्रताप सिंह, प्रीती शर्मा, यशोधर सिंह, मौना शर्मा, सुमन कुमारी, पुष्पेंद्र उपाध्याय आदि अनेक लोग थे।
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