{"_id":"56def3fd4f1c1bb36b8b4568","slug":"ugc-will-take-action-if-discrimination-in-college","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉलेज में भेदभाव किया तो यूजीसी करेगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कॉलेज में भेदभाव किया तो यूजीसी करेगी कार्रवाई
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 08 Mar 2016 09:17 PM IST
विज्ञापन
कालेज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्वविद्यालय और कॉलेजों में जाति व धर्म के आधार पर भेदभाव होने पर यूजीसी अब सीधे कार्रवाई करेगी। यूजीसी के सचिव प्रोफेसर जसपाल एस संधु ने सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है।
ये निर्देशित किया गया है कि कॉलेज व विश्वविद्यालय अपने स्तर से एक रजिस्टर बनाए। इसमें वह वेबसाइट पर दिए गए फार्म के आधार पर शिकायत लिखें और उसे यूजीसी के पास भेजें।
हैदराबाद में छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद जो बवाल देश भर हुआ उसे देखते हुए विश्वविद्यालय और कॉलेजों पर ठोस कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। यूजीसी किसी भी कीमत पर भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेगी।
विज्ञापन
इसलिए यूजीसी के सचिव प्रोफेसर जसपाल एस संधु ने ठोस कदम उठाते हुए सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर के तहत जाति, धर्म या संप्रदाय के तहत भेदभाव की जो शिकायतें मिले उस पर तुरंत एक्शन लिया जाए। कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर कमेटी गठित की जाए।
वेबसाइट पर इस तरह एक पेज या रजिस्टर बनाया जाए। यूजीसी की वेबसाइट पर दिए गए फार्मेट के आधार पर शिकायतों को लिखा जाए। यदि टीचर्स भेदभाव करते हैं तो उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित स्टूडेंट्स सीधे भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
विज्ञापन
ये निर्देशित किया गया है कि कॉलेज व विश्वविद्यालय अपने स्तर से एक रजिस्टर बनाए। इसमें वह वेबसाइट पर दिए गए फार्म के आधार पर शिकायत लिखें और उसे यूजीसी के पास भेजें।
विज्ञापन
हैदराबाद में छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद जो बवाल देश भर हुआ उसे देखते हुए विश्वविद्यालय और कॉलेजों पर ठोस कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। यूजीसी किसी भी कीमत पर भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेगी।
विज्ञापन
इसलिए यूजीसी के सचिव प्रोफेसर जसपाल एस संधु ने ठोस कदम उठाते हुए सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर के तहत जाति, धर्म या संप्रदाय के तहत भेदभाव की जो शिकायतें मिले उस पर तुरंत एक्शन लिया जाए। कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर कमेटी गठित की जाए।
वेबसाइट पर इस तरह एक पेज या रजिस्टर बनाया जाए। यूजीसी की वेबसाइट पर दिए गए फार्मेट के आधार पर शिकायतों को लिखा जाए। यदि टीचर्स भेदभाव करते हैं तो उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित स्टूडेंट्स सीधे भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।