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काले कानून की वापसी तक बंदी

Thu, 10 Mar 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो /फतेहपुर Updated Thu, 10 Mar 2016 01:03 AM IST
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Until the return of captive black law
शहर के चौक क्षेत्र में धरना- प्रदर्शन करते सर्राफा कारोबारी। - फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर। केंद्र सरकार के आम बजट में सर्राफा कारोबार विरोधी प्रावधानों से सर्राफा कारोबारियों में आक्रोश है। सर्राफा कारोबारियों ने काले कानून के विरोध में चौक चौराहे पर धरना और प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। सर्राफा कारोबारियों ने कहा काले कानून की वापसी तक बेमियादी बंदी रहेगी। उधर सर्राफा प्रतिष्ठान बंद होने से दूर दराज से आए ग्राहकों को बैरंग लौटना पड़ा।
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बुधवार को सर्राफा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप रस्तोगी की अध्यक्षता में सर्राफा कारोबारी धरने पर बैठे। जिलाध्यक्ष ने कहा केंद्र सरकार ने जो बजट पेश किया है वह सर्राफा कारोबारियों के हित में नहीं है।
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बजट से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। जब तक काले कानून को वापस नहीं लिया जाता तब तक व्यापारी अपनी दुकानें बंद रखेंगे। सर्राफा कारोबारी  कुलदीप नारायण पप्पन रस्तोगी और राजेंद्र सर्राफ ने कहा दमनकारी व शोषण करने वाले कानून का कड़ा विरोध किया जाएगा।
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अखिल भारतीय स्वर्ण परिषद के जिलाध्यक्ष उमेश सोनी ने कहा भाजपा व्यापारी हित में काम नहीं कर रही है। काले कानून से आभूषण निर्माण के क्षेत्र से जुड़े कारीगर भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। धरना-प्रदर्शन के दौरान शिव प्रसाद सोनी, रामनरेश सोनी, बृजेश सोनी, पप्पू गुप्ता, सचिन रस्तोगी, साकेत गुप्ता, अतुल रस्तोगी, अमित रस्तोगी, राजा रस्तोगी, मुन्ना लाल और राजेश गुप्ता आदि सर्राफा कारोबारी मौजूद रहे।
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