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जून तक शुरू कराएं सौ बेड का मैटरनिटी विंग
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 09 Mar 2016 11:56 PM IST
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आयुक्त ने किया महिला चिकित्सालय के उच्चीकरण कार्य का निरीक्षण
जिला महिला चिकित्सालय स्थित निर्माणाधीन सौ बेड के मैटरनिटी विंग को सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस कर आगामी माह जून तक क्रियाशील किए जाने का आदेश बरेली मंडल के आयुक्त प्रमांशु ने दिए। उन्होंने कहा कि तमाम सुविधाओं वाले इस भवन के लिए एअरकंडीशन लिफ्ट चलाने और प्रकाश व्यवस्था आदि के लिए जेनरेटर लगाया जाना नितांत जरूरी है। आयुक्त ने बुधवार को यहां पहुंच कर स्थलीय निरीक्षण किया।
मंडलायुक्त के साथ डीएम शंभूनाथ, सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया, संयुक्त विकास आयुक्त सीपी सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी थे। यहां राजकीय निर्माण निगम द्वारा 19.97 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे सौ बेड के मैटरनिटी विंग का स्थलीय निरीक्षण किया। आयुक्त ने निर्माण कार्य पर संतोष जताया। कहा कि इसको क्रियाशील करने से पूर्व बुनियादी जरूरतों पर विचार करते हुए उनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। निर्माण कार्य की कुल लागत राशि में एक करोड़, 86 लाख, 87 हजार रुपये से आवश्यक उपकरण भी क्रय किए जाना है। कार्यदायी संस्था के अभियंताओं ने आयुक्त को अवगत कराया कि निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 15 से 20 दिनों में भवन को हैंडओवर कर देंगे। आयुक्त ने कचरे के निस्तारण और खिड़कियों पर जाली लगाने के भी निर्देश दिए। कार्यदायी संस्था पैकफेड द्वारा दो करोड़ बीस लाख की लागत से निर्माणाधीन जिला महिला चिकित्सालय के उच्चीकरण कार्य का भी आयुक्त ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मच्छरों, मक्खियों की रोकथाम को खिड़कियों पर जाली लगी न पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर असंतोष व्यक्त किया। डीएम को निर्देश किए कि दोनों कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं के साथ बैठक कर आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए व्यवस्थाएं चाकचौबंद कराएं। जिससे जनता को सुविधाएं मिल सकें। नगर मजिस्ट्रेट अजय कुमार श्रीवास्तव, प्रभारी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार, जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस शशी अग्निहोत्री सहिती अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
मंडलायुक्त ने देखा अपना गोद लिया गांव
बरेली मंडल के आयुक्त प्रमांशु ने बिनावर पहुंचकर अपने गोद लिए गांव के आंगनबाड़ी केंद्र को देखा और बच्चों के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी की। आयुक्त को बताया गया कि यहां फरवरी के अंत तक कुल 14 बच्चे कुपोषित थे। जिन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए और बच्चों को फल, बिस्कुट वितरित किए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और बच्चों के प्रति दिए जा रहे निरंतर ध्यान पर डीपीओ के कार्यों की सरहना करते हुए अन्य केद्रों पर भी इसी प्रकार व्यक्तिगत रुचि लेते हुए बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने को कहा। आयुक्त ने कई बच्चों का वजन भी अपने सामने कराया।
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सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने पोषण मिशन, 102 नंबर की एंबुलेंस, खुले में शौच न जाने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिए जाने को कहा। डीपीओ निर्मल शर्मा ने आयुक्त को अवगत कराया कि ग्राम बिनावर में कुल पांच आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिसमें तीन केंद्र गांव बिनावर के इसी प्राथमिक विद्यालय में चल रहे हैं। प्रत्येक माह की पांच, 15 और 25 तारीख को पोषाहार का वितरण किया जाता है। उन्होंने बताया कि अति गंभीर बच्चों के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुर्नवास केंद्र बनाया गया है। जिसमें फिलहाल नौ बच्चे भर्ती हैं। उनकी चिकित्सकों द्वारा निरंतर देखभाल और इलाज किया जा रहा है।
आयुक्त के सामने आईं तमाम शिकायतें
बदायूं। जिला अस्पताल में आयुक्त प्रमांशु के निरीक्षण के दौरान तमाम महिलाएं सामने आ गईं और शिकायतों का सिलसिला शुरू कर दिया। मंडलायुक्त ने उन्हें आश्वश्त किया कि पूरी सुविधा मिलेगी और उनकी हर शिकायत का समाधान होगा।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि महिला अस्पताल के स्टाफ का उनके साथ सही व्यवहार नहीं रहता। सुविधा शुल्क के लिए गर्भवती महिलाओं के तीमारदारों को भटकाया जाता है। ऐनवक्त पर प्रसव पीड़िताओं को बाहर ले जाने को कहा जाता है। शिकायत करने वालों में रेहाना, शवाना, रुखसाना, शबीना, फूलबानो, जयमंती, हसीना, दुर्गावती आदि महिलाएं शामिल रहीं।
जिला महिला चिकित्सालय स्थित निर्माणाधीन सौ बेड के मैटरनिटी विंग को सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस कर आगामी माह जून तक क्रियाशील किए जाने का आदेश बरेली मंडल के आयुक्त प्रमांशु ने दिए। उन्होंने कहा कि तमाम सुविधाओं वाले इस भवन के लिए एअरकंडीशन लिफ्ट चलाने और प्रकाश व्यवस्था आदि के लिए जेनरेटर लगाया जाना नितांत जरूरी है। आयुक्त ने बुधवार को यहां पहुंच कर स्थलीय निरीक्षण किया।
मंडलायुक्त के साथ डीएम शंभूनाथ, सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया, संयुक्त विकास आयुक्त सीपी सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी थे। यहां राजकीय निर्माण निगम द्वारा 19.97 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे सौ बेड के मैटरनिटी विंग का स्थलीय निरीक्षण किया। आयुक्त ने निर्माण कार्य पर संतोष जताया। कहा कि इसको क्रियाशील करने से पूर्व बुनियादी जरूरतों पर विचार करते हुए उनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। निर्माण कार्य की कुल लागत राशि में एक करोड़, 86 लाख, 87 हजार रुपये से आवश्यक उपकरण भी क्रय किए जाना है। कार्यदायी संस्था के अभियंताओं ने आयुक्त को अवगत कराया कि निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 15 से 20 दिनों में भवन को हैंडओवर कर देंगे। आयुक्त ने कचरे के निस्तारण और खिड़कियों पर जाली लगाने के भी निर्देश दिए। कार्यदायी संस्था पैकफेड द्वारा दो करोड़ बीस लाख की लागत से निर्माणाधीन जिला महिला चिकित्सालय के उच्चीकरण कार्य का भी आयुक्त ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मच्छरों, मक्खियों की रोकथाम को खिड़कियों पर जाली लगी न पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर असंतोष व्यक्त किया। डीएम को निर्देश किए कि दोनों कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं के साथ बैठक कर आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए व्यवस्थाएं चाकचौबंद कराएं। जिससे जनता को सुविधाएं मिल सकें। नगर मजिस्ट्रेट अजय कुमार श्रीवास्तव, प्रभारी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार, जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस शशी अग्निहोत्री सहिती अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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मंडलायुक्त ने देखा अपना गोद लिया गांव
बरेली मंडल के आयुक्त प्रमांशु ने बिनावर पहुंचकर अपने गोद लिए गांव के आंगनबाड़ी केंद्र को देखा और बच्चों के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी की। आयुक्त को बताया गया कि यहां फरवरी के अंत तक कुल 14 बच्चे कुपोषित थे। जिन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए और बच्चों को फल, बिस्कुट वितरित किए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और बच्चों के प्रति दिए जा रहे निरंतर ध्यान पर डीपीओ के कार्यों की सरहना करते हुए अन्य केद्रों पर भी इसी प्रकार व्यक्तिगत रुचि लेते हुए बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने को कहा। आयुक्त ने कई बच्चों का वजन भी अपने सामने कराया।
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सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने पोषण मिशन, 102 नंबर की एंबुलेंस, खुले में शौच न जाने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिए जाने को कहा। डीपीओ निर्मल शर्मा ने आयुक्त को अवगत कराया कि ग्राम बिनावर में कुल पांच आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिसमें तीन केंद्र गांव बिनावर के इसी प्राथमिक विद्यालय में चल रहे हैं। प्रत्येक माह की पांच, 15 और 25 तारीख को पोषाहार का वितरण किया जाता है। उन्होंने बताया कि अति गंभीर बच्चों के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुर्नवास केंद्र बनाया गया है। जिसमें फिलहाल नौ बच्चे भर्ती हैं। उनकी चिकित्सकों द्वारा निरंतर देखभाल और इलाज किया जा रहा है।
आयुक्त के सामने आईं तमाम शिकायतें
बदायूं। जिला अस्पताल में आयुक्त प्रमांशु के निरीक्षण के दौरान तमाम महिलाएं सामने आ गईं और शिकायतों का सिलसिला शुरू कर दिया। मंडलायुक्त ने उन्हें आश्वश्त किया कि पूरी सुविधा मिलेगी और उनकी हर शिकायत का समाधान होगा।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि महिला अस्पताल के स्टाफ का उनके साथ सही व्यवहार नहीं रहता। सुविधा शुल्क के लिए गर्भवती महिलाओं के तीमारदारों को भटकाया जाता है। ऐनवक्त पर प्रसव पीड़िताओं को बाहर ले जाने को कहा जाता है। शिकायत करने वालों में रेहाना, शवाना, रुखसाना, शबीना, फूलबानो, जयमंती, हसीना, दुर्गावती आदि महिलाएं शामिल रहीं।