जो मेरे पिता को पीट सकता है वो मेरी जान ले लेगा
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विवाहिता के बयान के बाद पंचायत ने भी आरोपी की जिम्मेदारी नहीं ली। इसके बाद ससुराल पक्ष को खाली हाथ लौटना पड़ा। पंचायत के बाद विवाहिता पक्ष ने पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
गांव हर्रायवाला निवासी नन्हें पुत्र शकूर ने अपनी बेटी फरजाना की शादी 28 फरवरी, 2016 को वसीम पुत्र जुम्मा निवासी मोहल्ला मदीना मस्जिद जसपुर (उत्तराखंड) के साथ की। शादी के एक दिन बाद रस्म के तहत नन्हें अपनी पुत्री को लेकर घर आ गया था। एक मार्च को वह विवाहिता को लेने के लिए घर आया।
इस दौरान उसने दहेज में दी बाइक को वापस कर ससुरालियों से कार की मांग की। ससुरालियों के कार देने से मना करने पर आरोपी पति भड़क उठा। उसने आवेश में आकर ससुर के साथ मारपीट कर दी।
शुक्रवार को दोनों पक्षों में समझौते को लेकर गांव में बिरादरी की पंचायत हुई। विवाहिता ने पंचायत में ही पति के साथ जाने से इंकार कर दिया। विवाहिता ने कहा आरोपी पति विवाह के बाद से ही कार न मिलने पर अपने घर पर उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है।
उसने घर पर भी ससुरालियों के साथ मारपीट की।
पंचायत में बिरादरी के जिम्मेदार लोगों ने विवाहिता को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने जाने से साफ मना कर दिया। विवाहिता के परिजनों ने पंचायत से बेटी की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने को कहा, लेकिन पंचायत में मौजूद किसी भी व्यक्ति ने उसकी जिम्मेदारी नहीं ली।
विवाहिता के परिजनों ने कहा आरोपी के व्यवहार से बिरादरी के लोग पहले से वाकिफ हैं। इसके बाद युवक पक्ष के लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
पंचायत के बाद विवाहिता के परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर में पति समेत छह लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने और दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। उधर, एसओ पीसी शर्मा ने कहा तहरीर मिल गई है, जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।