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हमारा हाल अभी इतना भी खराब नहीं

Mon, 07 Mar 2016 11:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा Updated Mon, 07 Mar 2016 11:07 PM IST
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We recently just not all that bad
मुशायरे में शेर सुनाते डॉ. मंसूर राज। - फोटो : अमर उजाला

बांदा। ‘तुम्हारी बात का हम दे सकें जवाब नहीं, हमारा हाल अभी इतना भी खराब नहीं’। मुशायरा महिफल के मेजबान हकीम बशीर ने इस शेर से अन्य शायरों का इस्तकबाल (स्वागत) किया।

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बीती रात मुशायरे की यह महफिल बज्मे इकरारिया, बज्मे बहारिया और अंजुमन तालिबे अदब ने मिलजुलकर की। बुजुर्ग शायर निश्तर बांदवी ने नात से शुरूआत की। शरीफ बांदवी ने पढ़ा- ‘वो लाजवाब है उसका कोई जवाब नहीं, नवाज दे किसे कितना कोई हिसाब नहीं’।
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डॉ. मंसूर राज ने सुनाया- ‘मुताला करते तो कहते हिजाज बिन यूसुफ, सितमगरी में तुम्हारा कोई जवाब नहीं’। मास्टर नवाब असर का शेर था- ‘हिसाब देना पड़ेगा हरेक नियामत का, नवाजशात का फैजान बेहिसाब नहीं’।
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सदारत कर रहे महोबा से आए बुजुर्ग शायर कामिल ने शेर कहा- ‘तेरी करीमी ने मुझको संभाल रखा है, वरना मेरे गुनाहों का कुछ हिसाब नहीं’। सईद वारसी ने सुनाया- ‘जुलेखा देख के होशो हवास खो बैठी, तुम्हारे हुस्न का यूसुफ कोई जवाब नहीं’। मुशायरे मेें शायर डॉ.खालिद इजहार, तारिक अजीज और नजरे आलम भी उपस्थित रहे।

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