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‘बेटा-बेटी एक समान’ का सूत्र अपनाएंगी सास-बहुएं

Mon, 07 Mar 2016 10:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बहराइच
ब्यूरो/अमर उजाला, बहराइच Updated Mon, 07 Mar 2016 10:17 PM IST
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बहराइच। भ्रूण हत्या पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल की है। परिवार के आकार को छोटा या बड़ा रखने की अहम भूमिका निभाने वाली सास को संवेदित करने का निर्णय लिया गया है।
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इसके लिए सास व उनकी बहू को एक मंच पर लाकर उन्हें भ्रूण हत्या, जनसंख्या स्थिरीकरण, टीकाकरण, परिवार नियोजन, बेटियों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

इसकी शुरुआत महिला दिवस से होगी। आठ मार्च को जिला अस्पताल स्थित अचल प्रशिक्षण केंद्र में सास-बहू सम्मेलन होगा।

शैक्षिक दृष्टिकोण से पिछड़े बहराइच जनपद में शिशु व मातृ मृत्युदर का प्रतिशत काफी ऊंचा है। यहां प्रति एक हजार बच्चों पर सिर्फ करीब 62 बच्चों की मौत हो जाती है।
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इसके पीछे लैंगिक भेदभाव व भ्रूण हत्या प्रमुख वजह माना गया है। चूंकि गांव स्तर पर परिवार के मुखिया या बड़े बुजुर्ग द्वारा परिवार के आकार को बड़ा रखने या छोटे रखने में निर्णय सर्वमान्य होता है।
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इसी धारणा के दृष्टिगत जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम के लाभ एवं भ्रांतियों के निराकरण के लिए आज जिला अस्पताल परिसर स्थित अचल प्रशिक्षण केंद्र में सास-बहू सम्मेलन होगा।

स्वास्थ्य विभाग ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए 14 ब्लॉकों की करीब 100 सास व उनकी बहू को एक मंच पर लाने की कवायद की है। आशा कार्यकर्त्रियों व एएनएम के माध्यम से सभी को बुलावा पत्र भेजा जा चुका है।

सम्मेलन में सास एवं बहुओं के बीच परिवार नियोजन पर चर्चा करवाकर छोटे परिवार के फायदे पर आपसी समझ का विकास कराया जाएगा।

ये सास-बहुएं होंगी सम्मानित

जिला स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सूचना अधिकारी एके चौधरी ने बताया कि सम्मेलन में उन सास व बहुओं को ज्यादा तरजीह दी गई है, जिन्होंने एक या दो बच्चों के जन्म के बाद परिवार नियोजन का स्थायी विकल्प अपनाया है। इन सास व बहुओं को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं, ऐसे परिवारों को भी चिह्नित किया गया है, जिनमें परिवार नियोजन के विषय पर नकरात्मक सोच है।


अनुभव होंगे साझा
सम्मेलन में सास एवं बहुओं के द्वारा अनुभव का आदान प्रदान, कुछ खेल गतिविधियां एवं उन्हीं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए जाएंगे। निश्चित ही इस सम्मेलन से समाज में जागरूकता आएगी।
-डॉ. केबी जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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