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लापता सुनील की थी नाले में मिली सिरकटी लाश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2016 02:28 AM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नैनी स्थित श्रमिक बस्ती से लापता प्रापर्टी डीलर सुनील मौर्या का कत्ल हो चुका है। शुक्रवार को उसके लापता होने के दूसरे रोज जारी के पास नाले में सिरविहीन लाश मिली थी। सोमवार को उसके बेटे ने चीरघर में रखे लावारिश शव को देखकर पहचान की तो कत्ल का पता चल सका। बेटे ने दो लोगों के खिलाफ तहरीर दी है जो फरार हैं। नैनी थाने की पुलिस कत्ल की एफआईआर लिखकर आरोपियों की तलाश में जुटी है।
श्रमिक बस्ती नैनी निवासी सुनील मौर्या (42) जमीन और मकान की खरीद-फरोख्त के सहारे चार बच्चों और पत्नी के साथ गुजारा करता था। उसके दो बेटे हैं संदीप और प्रदीप। सुनील शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे घर से यह कहकर निकला था कि एक मकान देखने जा रहा है। रात में उसने फोन किया कि उसे घर आने में देर हो जाएगी। फिर उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। परिवार के लोगों ने खोजबीन के बाद नैनी थाने में सूचना दी। रविवार को नाराज परिजनों ने थाने जाकर पुलिस के रवैये पर काफी गुस्सा जताया था। सुनील के लापता होने के दूसरे रोज शनिवार को जारी इलाके से चार किलोमीटर दूर पटेल नगर के नाले में एक व्यक्ति का शव मिला था।
उसका सिर गायब था और हाथ कटा था। नाले के पास ही झाड़ी में उसकी हत्या का अनुमान जताया गया था। मृतक की पहचान नहीं हो सकी तो बारा पुलिस ने शव को लावारिश के तौर पर चीरघर में रख दिया था। सोमवार को लापता सुनील के बेटे संदीप और रिश्तेदारों ने चीरघर जाकर शव को देखा तो स्तब्ध रह गए। मृतक सुनील ही था। बेटे संदीप ने चप्पल और घुटने पर चोट के निशान से शव की शिनाख्त की। परिजनों को उम्मीद थी कि सुनील जीवित मिल जाएगा लेकिन उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। बेटे संदीप ने औद्योगिक क्षेत्र के गुड्डू भारतीय और मनोज भारतीय पर आरोप लगाया है कि उन्हीं दोनों ने बुलाकर हत्या की वारदात अंजाम दी।
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श्रमिक बस्ती नैनी निवासी सुनील मौर्या (42) जमीन और मकान की खरीद-फरोख्त के सहारे चार बच्चों और पत्नी के साथ गुजारा करता था। उसके दो बेटे हैं संदीप और प्रदीप। सुनील शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे घर से यह कहकर निकला था कि एक मकान देखने जा रहा है। रात में उसने फोन किया कि उसे घर आने में देर हो जाएगी। फिर उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। परिवार के लोगों ने खोजबीन के बाद नैनी थाने में सूचना दी। रविवार को नाराज परिजनों ने थाने जाकर पुलिस के रवैये पर काफी गुस्सा जताया था। सुनील के लापता होने के दूसरे रोज शनिवार को जारी इलाके से चार किलोमीटर दूर पटेल नगर के नाले में एक व्यक्ति का शव मिला था।
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उसका सिर गायब था और हाथ कटा था। नाले के पास ही झाड़ी में उसकी हत्या का अनुमान जताया गया था। मृतक की पहचान नहीं हो सकी तो बारा पुलिस ने शव को लावारिश के तौर पर चीरघर में रख दिया था। सोमवार को लापता सुनील के बेटे संदीप और रिश्तेदारों ने चीरघर जाकर शव को देखा तो स्तब्ध रह गए। मृतक सुनील ही था। बेटे संदीप ने चप्पल और घुटने पर चोट के निशान से शव की शिनाख्त की। परिजनों को उम्मीद थी कि सुनील जीवित मिल जाएगा लेकिन उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। बेटे संदीप ने औद्योगिक क्षेत्र के गुड्डू भारतीय और मनोज भारतीय पर आरोप लगाया है कि उन्हीं दोनों ने बुलाकर हत्या की वारदात अंजाम दी।
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