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बार सहयोग करे तो शनिवार को भी बैठे बेंच
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 14 Mar 2016 01:58 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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भारत के मुख्य न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर ने कहा है कि मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के लिए बार और बेंच का एक दूसरे को सहयोग जरूरी है लेकिन बार की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। यदि बार सहयोग करे तो शनिवार को भी बेंच बैठने के लिए तैयार है। हमारे जज अच्छा काम कर रहे हैं। बार बेंच की मां होती है। यदि अच्छी बार होगी तो अच्छे जज मिलेंगे। जज तभी अपना काम अच्छे तरीके से कर सकेंगे, जब उनको वकीलों का बेहतर सहयोग मिलेगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्थापना के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने पर न्यायमूर्ति ठाकुर ने न्यायपालिका के समक्ष विश्वसनीयता की चुनौती का भी जिक्र किया। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के गौरवशाली अतीत का उल्लेख करते हुए कहा, यहां कई बार कठिन चुनौतियां आईं, मगर जजों ने निर्भीकता का परिचय दिया। मोतीलाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू, टीबी सप्रू, मदन मोहन मालवीय सरीखे वकीलोें ने न सिर्फ वकालत में परचम लहराया बल्कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्थापना के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने पर न्यायमूर्ति ठाकुर ने न्यायपालिका के समक्ष विश्वसनीयता की चुनौती का भी जिक्र किया। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के गौरवशाली अतीत का उल्लेख करते हुए कहा, यहां कई बार कठिन चुनौतियां आईं, मगर जजों ने निर्भीकता का परिचय दिया। मोतीलाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू, टीबी सप्रू, मदन मोहन मालवीय सरीखे वकीलोें ने न सिर्फ वकालत में परचम लहराया बल्कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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