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Joby Mathew: कौन हैं 48 साल के जोबी मैथ्यू, जिनका PM मोदी की 'मन की बात' में हुआ जिक्र? LA पैरालंपिक्स पर नजर

Sun, 30 Mar 2025 12:03 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sun, 30 Mar 2025 12:03 PM IST
सार

पीएम मोदी ने जोबी के पत्र की तारीफ करते हुए कहा, 'वाह जोबी मैथ्यू! आपने कमाल लिखा है। अद्भुत लिखा है। इस पत्र के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं। मैं जोबी मैथ्यू और हमारे सभी दिव्यांग साथियों से कहना चाहता हूं कि आपके प्रयास हमारे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा हैं।'

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Who is 48-year-old Joby Mathew, who was mentioned in PM Modi Mann Ki Baat? Eyes gold in 2028 LA Paralympics
आर्म रेसलर जोबी मैथ्यू - फोटो : PMO

विस्तार

'मन की बात' के 120वें एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने खेल और खिलाड़ियों से जुड़ी बातें कीं। इस दौरान उन्होंने एक पैरा एथलीट के पत्र का भी जिक्र किया। इस खिलाड़ी का नाम है जोबी मैथ्यू। पीएम ने कहा, 'इस बार के खेलो इंडिया पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले आर्म रेसलर जोबी मैथ्यू ने मुझे चिट्ठी लिखी है।' पीएम मोदी ने कहा कि वह जोबी के पत्र के कुछ हिस्सों को पढ़कर सुनाना चाहते हैं।
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पीएम ने पत्र में जोबी के लिखे शब्दों को पढ़कर सुनाया, 'पदक जीतना बेहद खास होता है, लेकिन हमारा संघर्ष सिर्फ पोडियम पर खड़े होने तक सीमित नहीं है। हम हर रोज एक लड़ाई लड़ते हैं। जीवन कई तरीकों से हमारी परीक्षा लेता है। बहुत कम लोग हमारे संघर्ष को समझ पाते हैं। इसके बावजूद हम साहस के साथ आगे बढ़ते हैं। हम अपने सपनों को पूरा करने में जुटते हैं। हमें यह विश्वास रहता है कि हम किसी से कम नहीं हैं।' पीएम मोदी ने जोबी के पत्र की तारीफ करते हुए कहा, 'वाह जोबी मैथ्यू! आपने कमाल लिखा है। अद्भुत लिखा है। इस पत्र के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं। मैं जोबी मैथ्यू और हमारे सभी दिव्यांग साथियों से कहना चाहता हूं कि आपके प्रयास हमारे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा हैं।'
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जोबी ने अलग मानक स्थापित किए

यदि आप शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हैं तो खेल में उम्र सिर्फ एक संख्या मानी जाती है। टाइगर वुड्स (49), महेंद्र सिंह धोनी (43) और क्रिस्टियानो रोनाल्डो (40) जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने अपने पेशेवर करियर में अपनी उम्र को किनारे करते हुए कड़ी मेहनत और इच्छाशक्ति की बदौलत सर्वोच्च खेल सम्मान हासिल किया है। ये खिलाड़ी अभी भी खेल रहे हैं। इसी तरह 48 साल के जोबी मैथ्यू ने भी पैरा खेलों में अलग मानक स्थापित किया है। जोबी केरल से ताल्लुक रखते हैं और पैरा पावरलिफ्टर हैं। खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025 में जोबी ने 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। यह पहले संस्करण में उनके प्रदर्शन से बेहतर था, जब उन्होंने 59 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था।

केरल के रहने वाले हैं जोबी मैथ्यू
अविकसित पैरों के साथ केरल के कोट्टायम में जन्मे जोबी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए चार स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीत चुके हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी इस पैरा एथलीट ने हालांकि अविकसित पैरों को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और पिछले 25 वर्षों से खेलों में सक्रिय बने हुए हैं। उनका सपना लॉस एंजेलिस 2028 पैरालंपिक खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है और इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि वह तब तक 51 साल के हो जाएंगे।

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इस बीमारी से पीड़ित हैं जोबी मैथ्यू
जोबी प्रोक्सिमल फेमोरल फोकल डेफिशियेंसी से पीड़ित हैं। यह एक जटिल जन्म दोष जहां फीमर हड्डी का ऊपरी हिस्सा (जांघ में) या तो विकृत या अनुपस्थित होता है। इससे एक पैर दूसरे की तुलना में छोटा होता है। भारत पेट्रोलियम में एक प्रबंधक के रूप में काम करते हुए जोबी ने कभी अपनी कमियों को खेल के सामने नहीं आने दिया। उन्होंने पावरलिफ्टिंग में जाने से पहले शॉट पुट और डिस्कस थ्रो में हिस्सा लेने की भी कोशिश की। वह टेबल टेनिस में राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी जीत चुके हैं।

'जैसा हूं, उसी में अपने लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश की'
जोबी ने साई मीडिया से कहा, 'मैं अपनी शारीरिक सीमाओं को नहीं बदल सकता, इसलिए मैंने अपने लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश की। 2010 में पैरा पावरलिफ्टिंग शुरू करने के बाद मैंने उसी वर्ष पंचकूला में आयोजित राष्ट्रीय पैरा खेलों में केरल के लिए अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा मैंने एक ही इवेंट में शॉट पुट और डिस्कस थ्रो दोनों में गोल्ड भी जीता। मैंने तब अपने राज्य के पदक जीतने की शुरुआत की थी, जब केरल में पैरा स्पोर्ट्स को मान्यता नहीं दी जाती थी।'

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2023 में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके थे जोबी

जोबी ने बताया कि केरल सरकार ने पैरा स्पोर्ट्स को दिसंबर 2023 में ही मान्यता दी थी। तब तक वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके थे। उन्होंने कहा, 'एक अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर के रूप में मैंने कोरिया 2022 में पैरा विश्व चैम्पियनशिप में भाग लिया। मैंने चार अलग-अलग वर्गों में पदक जीते थे। इनमें एशियाई स्वर्ण पदक (59 किग्रा), ओसियाना स्वर्ण पदक (59 किग्रा), सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट स्वर्ण (59 किग्रा) और कुल लिफ्ट स्वर्ण (59 किग्रा) में पहला स्थान हासिल किया था।'

जोबी के लिए यह साल था कठिन
अंतरराष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टर के रूप में अपने करियर के कठिन दौर को याद करते हुए जोबी ने कहा, 'कुल मिलाकर मैंने पांच अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं। मैंने चीन में 2023 एशियाई पैरा खेलों के लिए क्वालिफाई किया, लेकिन दुर्भाग्य से मैं एक अवैध मान्यता कार्ड के कारण इस प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सका। वह मेरे लिए बहुत दर्दनाक समय था।' जोबी के पास पेरिस 2024 पैरालिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का एक शानदार अवसर था, लेकिन वह इसका खुलासा नहीं करना चाहते थे। हालांकि, उनकी नजरें अब लॉस एंजिलिस में 2028 में होने वाले पैरालंपिक खेलों पर है।

जोबी ने कहा, 'एशियाई पैरा खेलों के बाद मुझे मिस्र में विश्व चैम्पियनशिप के लिए चुना गया था, जिसे पेरिस पैरालिंपिक का प्रवेश द्वार माना जाता था, लेकिन किसी कारण से मैं भाग नहीं ले सका और पैरालिंपिक में भारत के लिए खेलने का मेरा सपना अधूरा रह गया। अब मेरा सपना 2028 पैरालंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।' अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने के बाद जोबी ने पैरा पावरलिफ्टर के रूप में अपना मुख्य लक्ष्य दोहराया।

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पावरलिफ्टिंग विश्व कप की तैयारी कर रहे जोबी
उन्होंने कहा, 'फिलहाल मैं अक्तूबर में मिस्र में होने वाले पैरा पावरलिफ्टिंग विश्व कप की तैयारी कर रहा हूं। मैं एक अच्छा योद्धा हूं। मुझे अपने देश की चिंता है। मुझे पुरस्कार या पैसा नहीं चाहिए। मेरा सपना देश के लिए पैरालंपिक स्वर्ण पदक जीतना है। ऐसा करने में मैं युवा पैरा पावरलिफ्टर्स को प्रेरित करना चाहता हूं।' जोबी से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि वह 2028 में 51 साल की उम्र में देश के लिए पदक जीत सकते हैं? उन्होंने कहा, 'मेरे लिए उम्र मायने नहीं रखती। मैं कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार हूं। भगवान पर मुझे पूरा भरोसा है। अगर मुझे उचित समर्थन मिलता है, तो मैं ऐसा कर सकता हूं। यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं है; यह देश के बारे में है।'

खेलो इंडिया पैरा गेम्स पर जोबी की राय
खेलो इंडिया पैरा गेम्स पर अपने विचार साझा करते हुए जोबी ने कहा कि इस तरह के आयोजन उनके जैसे अनुभवी पैरा-एथलीटों के लिए एक शानदार अवसर हैं। उन्होंने कहा, 'यह मेरे जैसे उम्रदराज खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण मंच है विशेषकर खेलो इंडिया पैरा खेल आगामी विश्व चैम्पियनशिप के लिए चयन के लिहाज से अहम है। अन्य स्पर्धाएं निजी संगठनों या राष्ट्रीय खेल महासंघ द्वारा आयोजित की जाती हैं। खेलो इंडिया पैरा गेम्स में मैच अधिकारी, रेफरी और शासी निकाय के लोग एथलीटों की बहुत गंभीरता से जांच और मूल्यांकन करते हैं।'
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