{"_id":"5aed75ff0469ab3ef86c627e407e62bf","slug":"papa-says-to-win-more-grand-slam-paes","type":"story","status":"publish","title_hn":"पापा का फोन आया कि अभी और ग्रैंड स्लैम जीतने हैं: पेस","category":{"title":"Tennis","title_hn":"टेनिस","slug":"tennis"}}
पापा का फोन आया कि अभी और ग्रैंड स्लैम जीतने हैं: पेस
सलीम रिजवी
Updated Mon, 09 Sep 2013 10:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय टेनिस खलाड़ी लिएंडर पेस और चेक गणराज्य के रादेक स्टेपानेक की जोड़ी ने रविवार रात यूएस ओपन के पुरुष डबल्स का खिताब अपने नाम कर लिया।
विज्ञापन
पेस का यह पुरुष डबल्स का आठवां ग्रैंड स्लैम खिताब था।
इसके साथ ही वे 40 साल की उम्र में पुरुष डबल्स का खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इस जीत के बाद उन्होंने बीबीसी से बातचीत की।
आर्थर एश स्टेडियम में बहुत से भारतीयों के बीच फाइनल मैच कैसा रहा?
आर्थर एश स्टेडियम का माहौल बहुत ही बढ़िया था। न्यूयॉर्क में बहुत से भारतीय रहते हैं। हमारा मैच देखने के लिए और हमारे समर्थन के लिए सब आए हुए थे।
इसके लिए मैं सबका धन्यवाद करता हूं। यह मेरा 31 वहां ग्रैंड स्लैम फाइनल था और 14वीं बार मैं जीता हूं। इसके लिए मैं अपने पार्टनर रादेक स्टेपानेक को भी धन्यवाद कहना चाहता हूं। उसने पूरे हफ्ते काफी मेहनत की। उसने हर दिन डबल्स की रणनीति पर ध्यान दिया। वह आज बहुत अच्छा खेले।
विज्ञापन
सेमीफाइनल में ब्रायन ब्रदर्स को हराने के बाद फाइनल खेलने जब आप कोर्ट पर गए तो आपको कैसा महसूस हो रहा था?
सच बताऊं तो मुझे और रादेक स्टेपानेक को पता था कि सेमीफाइनल ही हमारे लिए फाइनल था। सेमीफाइनल से पहले हमने ड्रॉ देखा था। उसके बाद हमें लगा था कि हममें और ब्रायन ब्रदर्स में से जो जीतेगा, वह फाइनल जीत जाएगा। हमारे खेल में जीत-हार का अंतर काफी कम होता है। कभी-कभी एक प्वाइंट तो कभी-कभी एक शॉट। इसलिए हम दावे से तो कुछ नहीं कह सकते। मगर ब्रायन ब्रदर्स को हराकर हमें लग गया था कि फाइनल के लिए हम फेवरेट हैं। सेमीफाइनल और फाइनल के बीच में दो दिन का अंतर था।
विज्ञापन
इस दौरान हमने अच्छी तैयारी की। आज सुबह जब मैं उठा तो लगा कि आज का दिन अच्छा होगा। स्कोर बोर्ड से भी यह पता चलता है। हमने मैच 6-1, 6-3 से जीता है। हम जिनके खिलाफ खेले, वे बहुत अच्छे और मशहूर खिलाड़ी हैं। मुझे एलेक्जेंडर पेया को पीठ में लगी चोट का थोड़ा दुख तो है, लेकिन यह हमारे प्रोफेशन की आम बात है। हमें अपने शरीर पर काफी मेहनत करनी पड़ती है। 40 साल की उम्र में शरीर और एकाग्रता बनाए रखने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। इस जीत से मैं काफी खुश हूं।
कहा जाता है कि डबल्स, खासकर पुरुष डबल्स में आपका जादू चलता है। इसकी शुरुआत कैसे हुई?
इसकी शुरुआत कोलकाता के एक छोटे से घर से हुई। हमारे माता-पिता ने बचपन से अब तक मेरी पर्सनेलिटी निखारने में काफी मेहनत की। मेरी दो बड़ी बहनों ने भी काफी मेहनत की। इसके लिए मैं उन दोनों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मेरा परिवार मेरे पीछे है। वे मुझे बहुत सपोर्ट करते हैं, प्यार करते हैं। इसी समर्थन और प्यार के साथ मैं दुनिया भर में अपने देश और झंडे के लिए खेलता हूं। यह सबसे बड़ी बात है। ओलंपिक में काफी कठिन समय था। जो भी हुआ वह मुझे अच्छा नहीं लगा। आज का दिन हमारे लिए काफी अच्छा रहा। उम्मीद करता हूं कि आने वाले सालों में मैं और कड़ी मेहनत करूंगा और और ग्रैंड स्लैम जीतूंगा।
चालीस साल की उम्र में डबल्स का खिताब जीतने वाला पहला खिलाड़ी बनने के लिए आपको बहुत-बहुत बधाई। आगे खेलने के लिए आपकी क्या योजनाएं हैं? यह अलग तरह का अनुभव होगा, जिसकी मिसाल पहले नहीं मिलती है?
आज ही मेरे पिता जी ने टेलीफोन कर ग्रैंड स्लैम जीतने की बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि कल से ही मेहनत शुरू कर दो। यह सुनकर रादेक स्टपानेक ने कहा कि पापा आपके बेटे ने अभी आज ही ग्रैंड स्लैम जीता है। 31 ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंच चुका है। इसे कम से कम एक दिन का तो आराम दे दें। इस पर पिता जी ने कहा कि नहीं, उसे और ग्रैंड स्लैम जीतना है। मेरा परिवार मुझे बहुत सहयोग करता है। मुझे हमेशा ट्रैक पर रखता है। यह बहुत अच्छी बात है। मैं अपनी बेटी अयाना को भी सिखाता हूं कि जीवन में जो भी काम करो पूरा दिल लगा कर करो। पूरे पैशन के साथ करो। मेरे पिता जी ने मुझे यही सिखाया है और मैं अपनी बेटी को भी यही सिखाता हूं।