फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Tech Diary ›   DigiLocker Security flaw Put Over 3.8 Crore Accounts at Risk says Researcher

DigiLocker में एक खामी की वजह से खतरे में पड़ी 3.84 करोड़ यूजर्स की निजी जानकारी

Tue, 02 Jun 2020 06:53 PM IST
प्रदीप पाण्डेय टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रदीप पाण्डेय Updated Tue, 02 Jun 2020 06:53 PM IST
सार

  • डिजिलॉकर में बड़ी सिक्योरिटी खामी का पता चला
  • खतरे में 3.84 करोड़ यूजर्स की निजी जानकारी
  • हाल ही में भीम एप का डाटा हुआ था लीक

विज्ञापन
DigiLocker Security flaw Put Over 3.8 Crore Accounts at Risk says Researcher
digilocker - फोटो : amar ujala

विस्तार

क्लाउड आधारित सरकारी डॉक्यूमेंट सेवर एप और साइट DigiLocker में एक बड़ी सिक्योरिटी खामी की वजह से 3.84 करोड़ यूजर्स की निजी जानकारी दांव पर लग गई है। DigiLocker में यह बग साइन इन प्रोसेस था जिसके बारे में एक सिक्योरिटी रिसर्चर ने पिछले महीने जानकारी दी थी। इस बग की वजह से टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन को बायपास किया जा सकता था, हालांकि इस बग को फिलहाल फिक्स कर लिया गया है।

विज्ञापन


सिक्योरिटी रिसर्चर आशीष गहलोत के मुताबिक DigiLocker में साइन इन करने के लिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) और एक पिन की जरूरत होती है, लेकिन उन्होंने आधार नंबर के जरिए टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन को बायपास कर लिया। आशीष ने इसकी जानकारी Medium वेबसाइट पर दी है।
विज्ञापन


आशीष के मुताबिक इस बग का फायदा उठाकर थोड़ी जानकारी रखने वाला शख्स भी आपके डिजिलॉकर से आपको डॉक्यूमेंट डाउनलोड कर सकता था और आपकी प्रोफाइल में बदलाव कर सकता था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: BHIM एप की सिक्योरिटी में बड़ी सेंध, 70 लाख यूजर्स का निजी डाटा हुआ लीक

गहलोत के बताने के बाद भी पिन बायपास को सरकार ने कुछ दिन पहले ही फिक्स किया है, जबकि ओटीपी खामी को बीते सोमवार को दूर किया गया, हालांकि इस बग के बारे में डिजिलॉकर की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है।


बता दें कि हालिया डाटा के मुताबिक DigiLocker को फिलहाल 3.84 करोड़ इस्तेमाल कर रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म पर आधार कार्ड, कॉलेज सर्टिफिकेट और मार्क सीट जैसे डॉक्यूमेंट मौजूद हैं। डिजिलॉकर को नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन (NeGD) हैंडल करता है।

बता दें कि हाल ही में डिजिटल पेमेंट एप भीम एप में का डाटा लीक हुआ था। इस्रायल की सिक्योरिटी फर्म vpnMentor ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत के करीब 70 लाख भीम एप यूजर्स का डाटा लीक हुआ है। कंपनी का दावा है कि यह डाटा उस वक्त लीक हुआ, जब इसे भीम एप पर अपलोड किया जा रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed