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प्रतिबंधित सरिता देवी के बचाव में आए सचिन तेंदुलकर
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 20 Nov 2014 03:22 PM IST
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इंचियोन एशियन गेम्स के दौरान रेफरी के गलत फैसले के खिलाफ पोडियम पर विरोध जताने के कारण अस्थायी निलंबन झेल रही महिला मुक्केबाज सरिता देवी को महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का समर्थन हासिल हो गया है।
तेंदुलकर ने खेल मंत्रालय को एक पत्र लिखकर सरिता देवी का समर्थन करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि इस महिला मुक्केबाज का करियर समय से पहले ही समाप्त न हो।
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान ने खेल मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को 15 नवंबर को एक पत्र लिखा और कहा कि वह इस रिपोर्ट से काफी परेशान हैं कि संभावित प्रतिबंध के कारण सरिता देवी के करियर को खतरा पैदा हो गया है।
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उन्होंने अपने पत्र में लिखा, "मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप तुरंत इस मामले को देखे और यह सुनिश्चित कर कि उन्हें मजबूत समर्थन दिया जाए ताकि उनके करियर को खतरा पैदा न हो और वह समय से पहले समाप्त न हों। एक खिलाड़ी होने के नाते मैं उस भावनात्मक उथलपुथल को समझ सकता हूं जिस कारण सरिता देवी दुर्भाग्यपूर्ण रूप से आवेश में आगे आई। हालांकि बाद में उन्होंने खेद व्यक्त किया, इसलिए उन्हें अपना करियर आगे ले जाने के लिए एक और मौका जरूर मिलना चाहिए।"
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तेंदुलकर ने खेल मंत्रालय को एक पत्र लिखकर सरिता देवी का समर्थन करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि इस महिला मुक्केबाज का करियर समय से पहले ही समाप्त न हो।
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पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान ने खेल मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को 15 नवंबर को एक पत्र लिखा और कहा कि वह इस रिपोर्ट से काफी परेशान हैं कि संभावित प्रतिबंध के कारण सरिता देवी के करियर को खतरा पैदा हो गया है।
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उन्होंने अपने पत्र में लिखा, "मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप तुरंत इस मामले को देखे और यह सुनिश्चित कर कि उन्हें मजबूत समर्थन दिया जाए ताकि उनके करियर को खतरा पैदा न हो और वह समय से पहले समाप्त न हों। एक खिलाड़ी होने के नाते मैं उस भावनात्मक उथलपुथल को समझ सकता हूं जिस कारण सरिता देवी दुर्भाग्यपूर्ण रूप से आवेश में आगे आई। हालांकि बाद में उन्होंने खेद व्यक्त किया, इसलिए उन्हें अपना करियर आगे ले जाने के लिए एक और मौका जरूर मिलना चाहिए।"
गलत फैसले के विरोध के कारण सरिता को मिली सजा
41 वर्षीय इस महान बल्लेबाज ने साथ ही कहा कि मणिपुरी मुक्केबाज सरिता देवी को उच्चस्तरीय टूर्नामेंटों में भी भाग लेने की अनुमति मिलनी चाहिए क्योंकि वह अपने व्यवहार के लिए पहले ही माफी मांग चुकी हैं।
सचिन तेंदुलकर ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं कि वह पहले ही खेल भावना के विपरीत किए गए अपने व्यवहार के लिए माफी मांग चुकी हैं। ऐसे में हमें यह सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा देना चाहिए कि सरिता देवी को माफी मिले और उच्च स्तरीय टूर्नामेंटों में उन्हें अपनी मुक्केबाजी जारी रखने की अनुमति मिले।"
सचिन ने साथ ही खेल मंत्री से इस मामले के लिए एक टास्क फोर्स का गठन करने का आग्रह किया है जिसमें इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) और बॉक्सिंग फेडरेशन (बीआई) के अधिकारी शामिल हों जो एआईबीए के सामने इस मामले में सरिता देवी का बचाव कर सके।
एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में सरिता देवी दक्षिण कोरियाई मुक्केबाज पार्क जी-ना के खिलाफ रेफरी के गलत फैसले का शिकार बनी थी और इसके विरोध में उन्होंने पोडियम पर कांस्य पदक पहनने से इनकार कर दिया था। इस व्यवहार से नाराज एआईबीए ने सरिता देवी पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।
सचिन तेंदुलकर ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं कि वह पहले ही खेल भावना के विपरीत किए गए अपने व्यवहार के लिए माफी मांग चुकी हैं। ऐसे में हमें यह सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा देना चाहिए कि सरिता देवी को माफी मिले और उच्च स्तरीय टूर्नामेंटों में उन्हें अपनी मुक्केबाजी जारी रखने की अनुमति मिले।"
सचिन ने साथ ही खेल मंत्री से इस मामले के लिए एक टास्क फोर्स का गठन करने का आग्रह किया है जिसमें इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) और बॉक्सिंग फेडरेशन (बीआई) के अधिकारी शामिल हों जो एआईबीए के सामने इस मामले में सरिता देवी का बचाव कर सके।
एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में सरिता देवी दक्षिण कोरियाई मुक्केबाज पार्क जी-ना के खिलाफ रेफरी के गलत फैसले का शिकार बनी थी और इसके विरोध में उन्होंने पोडियम पर कांस्य पदक पहनने से इनकार कर दिया था। इस व्यवहार से नाराज एआईबीए ने सरिता देवी पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।