सचिन को याद आई पुरानी बात, कहा बचपन में मरते-मरते बचा हूं
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने मुंबई रेलवे पुलिस की सेफ्टी अलर्ट मैसेज एक्सक्लूसिव फॉर पेसेंजर्स (एसएएमइइपी) जांच किया। यह मुख्य रुप लापरवाही से ट्रैक पर चलने या क्रासिंग करने वाले लोगों के लिए अलर्ट मैसेज है।
42 साल के पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने इस मौके पर पुरानी यादें भी ताजा की। इससे पहले उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में लापरवाही से रेलवे ट्रैक पर होने वाले हादसों पर दुख जताया। मुंबई रेलवे पुलिस के आंकड़ो के मुताबिक पिछले साल 700 लोगों की ट्रेन से गिरने से मौत हुई जबकि 1600 लोग पिछले साल सिर्फ रेलवे ट्रैक क्रास करते हुए जान गंवा बैठे।
सचिन ने कहा कि मुंबई पुलिस की यह पहल वाकई शानदार है और उम्मीद है कि लोग इसे इस्तेमाल कर मुहिम का हिस्सा बनेंगे। बातों ही बातों में सचिन ने बचपन की एक बात का जिक्र किया जब रेलवे ट्रैक को पार करते हुए वह कैसे मरते-मरते बचे।
सचिन ने किया बचपन की उस गलती का जिक्र
सचिन तेंदुलकर ने लापरवाही से रेलवे ट्रैक पार करने को जानलेवा बताया। उन्होंने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह स्कूल में पढ़ते थे तो वह और उनके दोस्त कुल मिलाकर 6 लोग क्रिकेट प्रैक्टिस के बाद विले पार्ले लंच के लिए गए थे।
वहां कुछ देर वक्त बिताने के बाद सभी ने थियेटर में फिल्म देखी। दोबारा शाम को क्रिकेट प्रैक्टिस के लिए हो रही लेट के चलते उनके पास एक शॉटकर्ट रास्ता था- दादर स्थित रेलवे ट्रैक को पार करना।
सभी ने क्रिकेट किट के साथ दौड़ते हुए रेलवे ट्रैक को पार किया। इस दौरान सभी ट्रैक पर ट्रेनें चल रही थी इसलिए ट्रैक पार करने के बाद सभी दोस्त (सचिन भी) काफी देर तक डर से हांफते रहे। उसके बाद उन्होंने निश्चय किया कि भले ही देर हो जाए लेकिन इस तरह की लापरवाही नहीं करेंगे।