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Superbet Chess Classic: प्रज्ञानंद ने सुपरबेट शतरंज क्लासिक टूर्नामेंट जीता, टाइब्रेकर से हुआ विजेता का फैसला
Sat, 17 May 2025 09:15 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बुकारेस्ट (रोमानिया)
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बुकारेस्ट (रोमानिया)
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 17 May 2025 09:15 AM IST
सार
प्रज्ञानंद, वाचियेर लाग्रेव और फिरोजा नौ दौर के बाद 5.5 अंक लेकर बराबरी पर थे जिससे विजेता का फैसला त्रिकोणीय टाइब्रेकर से हुआ।
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आर प्रज्ञानंद
- फोटो : PTI
विस्तार
भारत के आर प्रज्ञानंद ने अलीरजा फिरोजा और मैक्सिम वाचियेर लाग्रेव के साथ रोमांचक टाइब्रेक प्लेआफ मुकाबला जीतकर सुपरबेट शतरंज क्लासिक टूर्नामेंट अपने नाम किया। जीत के बाद प्रज्ञानंद ने एक्स पर लिखा, 'अविश्वसनीय अनुभव। अभी अभी बुकारेस्ट में सुपरबेट शतरंज क्लासिक टूर्नामेंट जीता। मेरी टीम और सहयोगियों को लगातार हौसलाअफजाई करने के लिए धन्यवाद।'
प्रज्ञानंद, वाचियेर लाग्रेव और फिरोजा नौ दौर के बाद 5.5 अंक लेकर बराबरी पर थे जिससे विजेता का फैसला त्रिकोणीय टाइब्रेकर से हुआ। टाइब्रेकर में पहली दो बाजियां ड्रॉ रहने के बाद प्रज्ञानंद ने तीसरी बाजी और खिताब जीता। भारत के विश्व चैंपियन डी गुकेश चार अंक लेकर नौवें स्थान पर रहे। अब ग्रैंड शतरंज टूर का अगला टूर्नामेंट सुपर युनाइटेड रैपिड और ब्लिट्ज एक जुलाई से क्रोएशिया में खेला जाएगा।
12 साल की उम्र में रचा था इतिहास
प्रज्ञानंद के लिए साल 2018 खास रहा। वह महज 12 साल की उम्र में ही ग्रैंडमास्टर बन गए थे। वह भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने थे। इस मामले में उन्होंने विश्वनाथन आनंद को पीछे छोड़ा था। आनंद 18 साल की उम्र में ग्रैंडमास्टर बने थे। प्रज्ञानंद दुनिया के दूसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने थे। उनसे आगे सिर्फ यूक्रेन के सिर्जी कर्जाकिन हैं। वह साल 1990 में सिर्फ 12 साल की उम्र में ग्रैंडमास्टर बन गए थे।
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प्रगनाननंदा को पसंद है क्रिकेट
प्रज्ञानंद शतरंज के अलावा क्रिकेट का भी शौक रखते हैं। मौका मिलने पर वो क्रिकेट मैच खेलने भी जाते हैं। हालांकि, शतरंज में करियर बनाने के चलते उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर कोई उपलब्धि नहीं हासिल की है, लेकिन उन्हें क्रिकेट खेलने और मैच देखने का शौक है।
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प्रज्ञानंद, वाचियेर लाग्रेव और फिरोजा नौ दौर के बाद 5.5 अंक लेकर बराबरी पर थे जिससे विजेता का फैसला त्रिकोणीय टाइब्रेकर से हुआ। टाइब्रेकर में पहली दो बाजियां ड्रॉ रहने के बाद प्रज्ञानंद ने तीसरी बाजी और खिताब जीता। भारत के विश्व चैंपियन डी गुकेश चार अंक लेकर नौवें स्थान पर रहे। अब ग्रैंड शतरंज टूर का अगला टूर्नामेंट सुपर युनाइटेड रैपिड और ब्लिट्ज एक जुलाई से क्रोएशिया में खेला जाएगा।
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12 साल की उम्र में रचा था इतिहास
प्रज्ञानंद के लिए साल 2018 खास रहा। वह महज 12 साल की उम्र में ही ग्रैंडमास्टर बन गए थे। वह भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने थे। इस मामले में उन्होंने विश्वनाथन आनंद को पीछे छोड़ा था। आनंद 18 साल की उम्र में ग्रैंडमास्टर बने थे। प्रज्ञानंद दुनिया के दूसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने थे। उनसे आगे सिर्फ यूक्रेन के सिर्जी कर्जाकिन हैं। वह साल 1990 में सिर्फ 12 साल की उम्र में ग्रैंडमास्टर बन गए थे।
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प्रगनाननंदा को पसंद है क्रिकेट
प्रज्ञानंद शतरंज के अलावा क्रिकेट का भी शौक रखते हैं। मौका मिलने पर वो क्रिकेट मैच खेलने भी जाते हैं। हालांकि, शतरंज में करियर बनाने के चलते उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर कोई उपलब्धि नहीं हासिल की है, लेकिन उन्हें क्रिकेट खेलने और मैच देखने का शौक है।