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Wushu: आयरा और अंसा ने मॉस्को स्टार वूशु में एक साथ स्वर्ण जीते, ऐसा करने वाली पहली कश्मीरी जुड़वां बहनें बनीं
Fri, 08 Mar 2024 10:57 AM IST
स्वप्निल शशांक
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 08 Mar 2024 10:57 AM IST
सार
आयरा और अंशा पहली ऐसी जुड़वां बहनें बनी हैंं, जिन्होंने एक साथ किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण जीते। आयरा तो जूनियर विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली कश्मीरी बेटी भी हैं।
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आयरा और अंशा
- फोटो : Social Media
विस्तार
श्रीनगर की आयरा और अंसा चिश्ती जुड़वां बहनें हैं। दोनों की पसंद और नापंसद भी एकसमान है और अब दोनों ने एक साथ मास्को स्टार वूशु टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक भी जीता। आयरा को एक नजर में मार्शल आर्ट वूशु पसंद आया तो अंसा ने भी थोड़ी हिचकिचाहट के बाद इसे अपना लिया। पिता इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और मां मेडिकल कॉलेज में फिजियोलॉजी की प्रोफेसर हैं। दोनों ने जब वूशु को अपनाया तो माता-पिता को ताने सुनने पड़े। कहा गया, लड़कियां हैं, इन्हें नहीं खेलना चाहिए, चोट लग गई तो चेहरा खराब हो जाएगा, इनसे शादी कौन करेगा, लेकिन माता-पिता ने किसी की नहीं सुनीं। वही बेटियां कश्मीर की पहली ऐसी जुड़वां बहनें बनी हैंं, जिन्होंने एक साथ किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण जीते। आयरा तो जूनियर विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली कश्मीरी बेटी भी हैं।
स्वर्ण और बोर्ड परीक्षा की एक साथ तैयारी
आयरा अमर उजाला को बताती हैं कि उनके माता-पिता ने उन्हें वूशु में इसलिए आगे बढ़ाया, क्यों कि वे चाहते हैं कि हम दोनों कुछ अलग करें। आयरा और अंसा ने मास्को में 52 और 56 भार वर्ग में स्वर्ण जीता। दोनों बुधवार को भारत लौटी हैं और अब अगली परीक्षा की तैयारी में जुट गई हैं। दोनों के पास बायोलॉजी है और शनिवार को उनकी बोर्ड की परीक्षा भी है। आयरा बताती हैं कि मास्को में वह दो-दो परीक्षाओं के दौर से गुजर रही थीं। एक ओर वह स्वर्ण पदक की लड़ाई लड़ रही थीं तो खाली समय में यूट्यूब और ऑनलाइन क्लास के जरिए परीक्षाओं की भी तैयारियां कर रहीं थीं।
विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली कश्मीरी बेटी
आयरा के वूशु से जुडऩे की कहानी भी दिलचस्प है। वह बताती हैं कि उन्हें मार्शल आट्र्स की फिल्में देखना पसंद है। एक दिन वह स्टेडियम गईं, जहां खेलो इंडिया के ट्रायल चल रहे थे। इस दौरान एक लड़के के चेहरे पर चोट लग गई और उसके खून बहने लगा। उन्होंने उसी वक्त प्रण लिया कि वह इस खेल को अपनाएंगी। हालांकि अंसा शुरुआत में थोड़ा हिचकिचाईं, लेकिन बहन को देखकर उन्होंने वूशु खेलना शुुरू कर दिया। 18 वर्षीय आयरा ने 2022 की जूनियर विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। वह विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली कश्मीरी महिला एथलीट बनीं। आयरा और अंसा का सपना है कि दोनों एक साथ 2026 के एशियाई खेलों में प्रतिनिधत्व करें और वहां देश के लिए स्वर्ण पदक जीतें।
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स्वर्ण और बोर्ड परीक्षा की एक साथ तैयारी
आयरा अमर उजाला को बताती हैं कि उनके माता-पिता ने उन्हें वूशु में इसलिए आगे बढ़ाया, क्यों कि वे चाहते हैं कि हम दोनों कुछ अलग करें। आयरा और अंसा ने मास्को में 52 और 56 भार वर्ग में स्वर्ण जीता। दोनों बुधवार को भारत लौटी हैं और अब अगली परीक्षा की तैयारी में जुट गई हैं। दोनों के पास बायोलॉजी है और शनिवार को उनकी बोर्ड की परीक्षा भी है। आयरा बताती हैं कि मास्को में वह दो-दो परीक्षाओं के दौर से गुजर रही थीं। एक ओर वह स्वर्ण पदक की लड़ाई लड़ रही थीं तो खाली समय में यूट्यूब और ऑनलाइन क्लास के जरिए परीक्षाओं की भी तैयारियां कर रहीं थीं।
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विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली कश्मीरी बेटी
आयरा के वूशु से जुडऩे की कहानी भी दिलचस्प है। वह बताती हैं कि उन्हें मार्शल आट्र्स की फिल्में देखना पसंद है। एक दिन वह स्टेडियम गईं, जहां खेलो इंडिया के ट्रायल चल रहे थे। इस दौरान एक लड़के के चेहरे पर चोट लग गई और उसके खून बहने लगा। उन्होंने उसी वक्त प्रण लिया कि वह इस खेल को अपनाएंगी। हालांकि अंसा शुरुआत में थोड़ा हिचकिचाईं, लेकिन बहन को देखकर उन्होंने वूशु खेलना शुुरू कर दिया। 18 वर्षीय आयरा ने 2022 की जूनियर विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। वह विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली कश्मीरी महिला एथलीट बनीं। आयरा और अंसा का सपना है कि दोनों एक साथ 2026 के एशियाई खेलों में प्रतिनिधत्व करें और वहां देश के लिए स्वर्ण पदक जीतें।
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