कुश्ती संघ साक्षी और बजरंग के कोच से नाखुश, विश्व चैंपियनशिप में प्रदर्शन पर मांगा स्पष्टीकरण
विश्व चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन जरूर यादगार रहा है, लेकिन भारतीय कुश्ती संघ रियो ओलंपिक की पदक विजेता साक्षी मलिक समेत कुछ पहलवानों और बजरंग के जार्जियाई कोच शाको से नाखुश है। कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने इन पहलवानों और कोचेज को बुलाकर उनके गैरस्तरीय प्रदर्शन के लिए स्पष्टीकरण मांगा। कुश्ती संघ को बजरंग की कजाखस्तान के पहलवान के साथ सेमीफाइनल बाउट के दौरान कोच शाको का रेफरी के फैसले को चुनौती देना नागवार गुबजरा है। संघ ने शाको को स्पष्ट कर दिया है कि उनकी इस नादानी के चलते बजरंग को लगातार दूसरी बाउट गंवानी पड़ी है।
बृजभूषण ने अमर उजाला से खुलासा किया कि उनकी चिंता का सबसे बड़ा विषय साक्षी मलिक और ग्रीको रोमन पहलवानों का प्रदर्शन रहा है। संघ और सरकार की ओर से दी जा रही इतनी सुविधाओं के बावजूद यह प्रदर्शन स्वीकारने लायक नहीं है। उनके इस प्रदर्शन पर कोचेज से भी जवाब मांगा गया है।
शाको फैसले को नहीं देते चुनौती तो जीत जाते बजरंग
कुश्ती संघ का मानना है कि शाको अगर रेफरी के फैसले को चुनौती नहीं देते तो विरोधी पहलवान को एक पेनाल्टी अंक का फायदा नहीं मिलता। खुद बृजभूषण ने स्टैंड से कोच को चुनौती नहीं देने का इशारा किया था। तब बजरंग 9-8 से जीत सकते थे। वहीं बजरंग मानते हैं कि कोच ने फैसले को ठीक चुनौती दी थी। उन्होंने भी रेफरी से उनके खिलाफ दिए गए चार अंक पर रीव्यू लेने को कहा था। कजाख पहलवान की ओर से मारी गई अंगुलियों से आई चोट के निशान बजरंग की आंख के पास और कंधे पर साफ देखे जा सकते हैं। हालांकि बृजभूषण मामले को यूडब्लडब्लू अध्यक्ष नेनाद लालोविच के पास ले गए। उनकी ओर से कराई जांच के बाद कुश्ती संघ से यूडब्लूडब्लू ने माफी मांगी, लेकिन रेफरी के चार अंक देने के फैसले को जायज ठहराया। यूडब्लूडब्लू ने यह जरूर माना कि बजरंग को कॉशन के दो अंक नहीं दिए गए।
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