विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2019: ओलंपिक में क्वालीफाई करते ही बजरंग पूनिया की विवादित हार
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बजरंग पूनिया टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के बाद विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गुरुवार को कजाकिस्तान के नूर-सुल्तान में स्थानीय पहलवान दौलत नियाजबेकोव से सेमीफाइनल मुकाबला विवादास्पद परिस्थितियों में हार गए।
बजरंग के अलावा रवि दहिया ने भी सेमीफाइनल में पहुंचकर टोक्यो का टिकट कटाया, लेकिन वह भी यहां से आगे नहीं बढ़ पाए। बजरंग के मुकाबले के परिणाम से उनके कोच शाको बैनिटिडिस गुस्से में आ गए और उन्होंने 65 किग्रा के मुकाबले में पक्षपातपूर्ण अंपायरिंग का विरोध किया।
बजरंग ने पुरूषों के 65 किग्रा में आसान ड्रा का पूरा फायदा उठाकर एक के बाद एक प्रतिद्वंद्वी को आसानी से शिकस्त दी। बजरंग को पहले दौर में पोलैंड के क्रीस्जतोफ बियांकोवस्की के खिलाफ खास मशक्कत नहीं करनी पड़ी। उन्होंने अपने इस प्रतिद्वंद्वी को आसानी से 9-2 से हराया।
बजरंग का अगला प्रतिद्वंद्वी डेविड हबाट था जो भारतीय पहलवान को खास चुनौती नहीं दे पाया हालांकि इस बीच स्लोवाकिया के पहलवान ने दो बार उनका दाहिना पांव अपने कब्जे में लिया था। लेकिन दोनों अवसरों पर वह इसका फायदा नहीं उठा पाया। कोरिया के जोंग चोइ सोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में बजरंग ने शुरू में ही अंक गंवा दिया, लेकिन उन्होंने यह मुकाबला आसानी से 8-1 से जीता।
रवि कुमार ने भी हासिल किया ओलंपिक कोटा
सेमीफाइनल तक की राह में कुछ चोटी के पहलवानों को हराने वाले रवि दहिया 57 किग्रा के सेमीफाइनल में रूस के मौजूदा विश्व चैंपियन जौर उगएव से 4-6 से हार गए और उन्हें भी अब कांस्य पदक के लिए भिड़ना होगा। रवि ने भी सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
रवि दहिया ने शानदार पदार्पण किया और 57 किग्रा में पहले दो मुकाबले तकनीकी दक्षता के आधार पर जीते। उन्होंने आर्मेनिया के 61 किग्रा में यूरोपीय चैंपियन आर्सन हारुतुनयान के खिलाफ छह अंक से पिछड़ने के बावजूद जवाबी हमले करके लगातार 17 अंक बनाकर जीत दर्ज की। इस मुकाबले के आखिर में आर्मेनियाई पहलवान ने अंक को चुनौती दी, लेकिन काफी देर तक रीप्ले देखने के बाद रवि को विजेता घोषित कर दिया गया।
रवि ने इससे पहले शुरुआती दौर में कोरिया के सुंगवोन किम को हराया था। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना 2017 के विश्व चैंपियन और विश्व में नंबर तीन युकी तकाहाशी से था। उनको हराना आसान नहीं था लेकिन रवि ने बहुत अच्छा खेल दिखाया और यह मुकाबला 6-1 से जीता। भारतीय पहलवान ने जापानी खिलाड़ी को हावी होने का मौका नहीं दिया।
साक्षी मलिक और दिव्या काकरण का भी सफर खत्म
महिला वर्ग में रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक का खराब प्रदर्शन जारी रहा और वह पहले दौर में ही नाईजीरिया की अमीनात आदेनियी से 7-10 से हार गईं। साक्षी ने आक्रमण करने के लिए काफी इंतजार किया जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी ने तेजी दिखाई। साक्षी चैंपियनशिप से भी बाहर हो गई है क्योंकि उनकी नाईजीरियाई प्रतिद्वंद्वी क्वार्टर फाइनल में हार गई। महिलाओं के 68 किग्रा में दिव्या काकरान मौजूदा ओलंपिक चैंपियन जापानी खिलाड़ी सारा दोशो के खिलाफ खास चुनौती पेश नहीं कर पाई और 0-2 से हार गई। दिव्या की आखिरी उम्मीद उस वक्त खत्म हो गई जब सारा क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाईं।
इतिहास रचने से चूकीं पूजा ढांडा
पूजा ढांडा भी 59 किग्रा वर्ग के कांस्य पदक का मैच गंवा बैठीं। गुरुवार को चीनी पहलवान पी जिंग के सामने पूजा की एक न चली। 3-5 से यह मुकाबला हारते हुए पूजा न सिर्फ कांस्य पदक गंवा बैठीं बल्कि एक खास रिकॉर्ड बनाने से भी चूक गईं। दरअसल, अगर पूजा अगर पूजा कांस्य पदक अपने नाम करने में कामयाब हो जाती तो भारत की ओर से विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में दो मेडल जीतने वालीं एकमात्र महिला पहलवान भी बन जातीं।
भारत की ओर से वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में अलका तोमर (2006), गीता फोगाट (2012), बबीता फोगाट (2012), और विनेश फोगाट (2019) के नाम ही पदक है। बुडापेस्ट में 2018 में हुए विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 57 किग्रा भारवर्ग में नॉर्वे की महिला पहलवान ग्रेस बुलन को हराते हुए पूजा ने कांस्य पदक जीता था। तब वह अब छह साल बाद फ्रीस्टाइल में मेडल जीतने वाली भारतीय महिला पहलवान बनीं थीं।