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World Swimming Championship: पिता लड़ रहे रूस से युद्ध, बेटे ने यूक्रेन को दिलाया पदक

Thu, 23 Jun 2022 11:03 AM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बुडापेस्ट
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बुडापेस्ट Published by: शक्तिराज सिंह Updated Thu, 23 Jun 2022 11:03 AM IST
सार

विश्व तैराकी में 800 मीटर फ्रीस्टाइल का कांस्य जीतने वाले मिखाइलो रोमानचुक इस डर से पिता को फोन नहीं करते हैं कि रूसी उन्हें ढूंढ लेंगे। 
 

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World Swimming Championship Father is fighting war with Russia, son gives medal to Ukraine
मिखाइलो रोमानचुक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

यूक्रेन के तैराक मिखाइल रोमानचुक ने विश्व तैराकी में जब 800 मीटर फ्रीस्टाइल का कांस्य पदक जीता तो उन्हें यह नहीं मालूम था कि उनके पिता ने उन्हें पदक जीतते देखा भी या नहीं। उनके पिता पूर्वी यूक्रेन में अपने शहर को रूसी कब्जे से बचाने के लिए उसके खिलाफ कई दिनों से युद्ध लड़ रहे हैं। पदक जीतने के बाद रोमानचुक ने कहा कि वह अपने पिता से बात करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाते हैं। उन्हें डर है कि अगर वह अपने पिता से फोन पर बात करेंगे तो रूसी उनके फोन कॉल के जरिए उन्हें ढूंढ निकालेंगे। पिता उन्हें रोजाना सुबह उन्हें संदेश भेजते हैं कि वह ठीक हैं। इससे उन्हें पता लग जाता है कि वह जीवित हैं। वह इस वक्त यूक्रेन के बुरी तरह गहराए युद्ध ग्रस्त क्षेत्र में हैं। 
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ठाना तैराकी से दिखाएंगे यूक्रेनी कमजोर नहीं
25 वर्षीय रोमानचुक ने कहा कि 24 फरवरी को रूस ने जब उनके देश पर आक्रमण किया तो वह सीधे युद्ध में जाना चाहते थे। 10 दिन उनकी पत्नी और परिवार के लिए बड़े पीड़ादायक रहे। इसके बाद उन्होंने सोचा कि अगर वह बंदूक नहीं उठा सकते हैं तो अपने खेल से दिखा सकते हैं कि यूक्रेन के लोग कमजोर नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने तैराकी की तैयारियां शुरु कर दीं। 
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जर्मनी के तैराक ने की मदद
टोक्यो ओलंपिक में 1500 मीटर का रजत पदक जीतने वाले 25 वर्षीय रोमानचुक ने कहा कि रूस ने जब यूक्रेन पर आक्रमण किया तो उनके लिए तैराकी का प्रशिक्षण हासिल करना संभव नहीं था। युद्ध से सारी सुविधाएं नष्ट हो गई थीं। इसके बाद जर्मनी के तैराक फ्लोरियन वेलब्रोक ने रोमानचुक को सहारा दिया और अपने यहां बुलाकर प्रशिक्षण के लिए उनकी मदद की। वेलब्रोक ने विश्व तैराकी के 800 मीटर फ्री स्टाइल में रजत पदक जीता। स्वर्ण पदक अमेरिका के बॉबी फिनके ने जीता। रोमानचुक स्वर्ण पदक विजेता फिनके से सिर्फ 0.69 सेकेंड पीछे रहे।
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ओलंपिक चैंपियन रूसी से दोस्ती दुश्मनी में बदली
पदक जीतने के बाद रोमानचुक ने कहा कि स्पर्धा में तीसरे स्थान पर आने से उनको गर्व और निराशा दोनों हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे साबित हो गया है कि यूक्रेन के लोग अंत तक लड़ते हैं। परिणाम कुछ भी हो।  विश्व चैंपियनशिप में रूस और बेलारूस के तैराकों पर हिस्सा लेने पर प्रतिबंध लगा है। रोमानुचक ने कहा कि यदि वे यहां होते तो उनकी प्रतिक्रिया शायद आक्रामक होती। रोमानचुक ने कहा कि बैकस्ट्रोक में ओलंपिक चैंपियन येवगेनी रिलोव ने युद्ध के समर्थन में मास्को में रैली निकाली थी। रोमानचुक ने कहा कि युद्ध के समर्थन में रिलोव के रैली निकालने पर उन्हें बेहद गुस्सा आया, क्यों कि रिलोव उनके दोस्त थे। अब दोस्ती दुश्मनी में बदल गई है। उन्होंने कहा कि रूस ने उनके लोगों को मार दिया। इससे तैराकी पर ध्यान केंद्रित करना काफी कठिन था। जर्मनी गया तो वहां भी युद्ध के विचार मन में आते थे। तीन-चार घंटे ही सो पाते थे। शुरुआत में यह काफी कठिन था। बाद में तय किया कि देश के लिए तैरकर पदक जीतना है। रोमानचुक ने कहा कि उन्हें यूक्रेन के लोगों पर गर्व है। वह यूक्रेन का नागरिक होने पर गर्व महसूस करते हैं।
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