विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप: छठे स्वर्णिम पंच से एक कदम दूर 'सुपरमॉम' मैरी कॉम
एमसी मैरीकॉम विश्व चैंपियनशिप के इतिहास की महानतम महिला बॉक्सर बनने से एक कदम दूर हैं। तीन बच्चों की मां मैरी ने गुरुवार को विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। 35 वर्षीय मैरी (48 किग्रा) सेमीफाइनल में उत्तर कोरिया की किम ह्यांग मी को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से मात देकर खिताबी मुकाबले में पहुंचीं। यह उनका सातवां फाइनल है।
बनेंगी पहली मुक्केबाज
छठे विश्व खिताब के लिए मैरी का सामना शनिवार को यूक्रेन की हाना ओखोता से होगा। अगर यह मणिपुरी मुक्केबाज स्वर्ण पदक जीत जाती हैं तो वह रिकॉर्ड छह पीले तमगे जीतने वाली दुनिया की पहली मुक्केबाज बन जाएंगी। उन्होंने अब तक पांच स्वर्ण और एक रजत पदक जीता है। मैरी पोलैंड में हाल ही में हाना को पराजित कर चुकी हैं। मैरी ने 2001 में हुई पहली महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत जीता था। इसके बाद 2002, 2005, 2006, 2008, 2010 में स्वर्ण जीते। आयरलैंड की दिग्गज कैटी और मैरी के एक समान पांच-पांच स्वर्ण हैं।
एशियाई चैंपियनशिप में भी किम को दी थी मात
किम को पिछले साल वियतनाम में हुई एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में भी मैरी ने पराजित किया था। लेकिन इस बार किम पूरी तैयारियों के साथ आई थीं। उन्होंने पहले दौर में मैरी पर जबरदस्त हमले बोले और उन्हें दबाव में रखा। हालांकि मैरी ने अपने अनुभव के दम पर दूसरे और तीसरे राउंड में वापसी कर किम की उम्मीदों को ध्वस्त कर दिया।
मैरी ने बाउट के बाद कहा भी कि मुुझे पता था कि किम उनकी पिछली बाउट के हिसाब से काफी तैयारियां करके आई होंगी, लेकिन उन्होंने भी इसी हिसाब से तैयारियां की थीं। उन्हें मालूम है कि वह अपने छठे गोल्ड से एक कदम दूर हैं और वह इसे हर हाल में जीतने की कोशिश करेंगी।
मैरी के लिए तैयारियां रिवीजन की तरह
मैरी को यह अच्छी तरह याद है कि उन्होंने हाना को हराया है, लेकिन वह फिर साफ करती हैं कि यूक्रेनी बॉक्सर उनके खिलाफ जबरदस्त तैयारियां करके आएगी। वह भी हाना के खिलाफ खेली गई बाउट की वीडियो देखकर नए सिरे से रणनीति बनाकर उन्हें चौंकाने की कोशिश करेंगी। वह कहती हैं कि किसी भी बाउट की तैयारी ठीक उसी तरह है जैसे परीक्षा के दौरान रिवीजन किया जाता है।
किम ने कहा वह जीती हुई थीं
उत्तर कोरियाई बॉक्सर फैसले से हैरान थीं। उन्होंने बाउट के बाद कहा कि उन्हें लगता है कि फैसला उनके पक्ष में आना चाहिए था। उन्होंने काफी दबाव बनाकर रखा था, लेकिन मैरी बड़ी बॉक्सर हैं। वह फैसले पर किसी तरह का विवाद नहीं खड़ा कर इसे स्वीकार करती हैं। लेकिन उनके हिसाब से वही जीती हुई हैं और वह यही मानकर आगे बढ़ रही हैं। बावजूद इसके किम ने मैरी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह जिस तरह की बॉक्सर हैं उनके खिलाफ खेलना ही बड़ी बात है। वह पिछली बार की तुलना में इस बार उनके खिलाफ अच्छा खेलीं।
लोवलीना को कांस्य से करना पड़ा संतोष
लोवलीना को 69 किलो भार के सेमीफाइनल में हारकर कांसे से संतोष करना पड़ा। पहली बार इस टूर्नामेंट में खेल रहीं असम की लोवलीना को चीनी ताइपे की चिन निएन चेन के हाथों 0-4 से हार झेलनी पड़ी। चेन ने लोवलीना को अपनी स्टाइलिश बॉक्सिंग से जमने नहीं दिया। उन्होंने कुछ बेहतरीन वन-टू पंच लगाए। हालांकि मुकाबला बराबरी का जा रहा था, लेकिन तीसरे दौर में रेफरी ने लोवलीना को चिन के सिर के पीछे पंच जड़ने पर चेतावनी दे दी, जिससे सभी जजों की ओर से की गई स्कोरिंग में उनका एक-एक अंक कट गया।