अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप: अमित खत्री ने रचा इतिहास, 10 हजार मीटर रेस वॉक में जीता रजत पदक
भारत के 17 वर्षीय एथलीट अमित खत्री ने नैरोबी में खेली जा रही है अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह 10 हजार मीटर रेस वॉक में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे।
विस्तार
केन्या की राजधानी नैरोबी में खेली जा रही अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के अमित खत्री ने इतिहास रच दिया। अमित शनिवार को 10 हजार मीटर वॉकिंग रेस में रजत पदक जीतने में सफल रहे। इस प्रतियोगिता में यह भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले भारत ने 4X400 मीटर रेस में कांस्य पदक जीता था।
अमित खत्री ने यह दूरी 42 मिनट और 17.49 सेकेंड में पूरी की। जबकि इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक कीनिया के हेरिस्टोन वान्योनी के नाम रहा जिनहोंने निर्धारित दूरी 42.10 84 समय में पूरी की। वहीं स्पेन के पॉल मेक्ग्रा ने 42:26.11 समय में दूरी तय कर कांस्य पदक जीता। यह पहली बार हुआ है जब भारत ने वॉकिंग स्पर्धा में दो पदक जीते हैं। अमित शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए थे लेकिन आखिरी के दो चक्कर केन्या के धावक ने उन्हें पीछे कर दिया।
Well done Amit! https://t.co/ch60KAmgUq
— Athletics Federation of India (@afiindia) August 21, 2021
17 वर्षीय अमित के लिए यह साल बेहतर रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में उन्होंने 10 किमी दौड़ में एक नया राष्ट्रीय अंडर-20 रिकार्ड कायम किया था। इस दौरान उन्होंने 18वें राष्ट्रीय फेडरेशन कप में 40.97 सेकेंड के समय के साथ पदक जीता था।
प्रिया मोहन पदक जीतने से चूकीं
प्रिया मोहन 400 मीटर रेस में प्रिया मोहन पदक जीतने से चूक गईं। वह चौथे स्थान पर रहीं। महिलाओं की 400 मीटर फाइनल में वह 52.77 सेकंड में अपनी दौड़ पूरी की। यह प्रिया का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत समय है। इससे पहले प्रिया 4*400 मीटर मिश्रित रिले टीम को कांस्य पदक दिलाने में मदद की थी।
Good Run Priya, well done.
— Athletics Federation of India (@afiindia) August 21, 2021
Priya Mohan of #India clocked her Personal Best time of 52.77s in girls 400m final & finished fourth at #WorldAthleticsU20
But she is not coming empty handed from #Nairobi, she had helped India secure a bronze medal in 4*400m mixed relay on day 1. pic.twitter.com/hvypkoUZXw
पदक जीतने के बाद क्या बोले खत्री और उनके कोच?
खत्री ने जीतने के बाद कहा, 'मैंने इस नतीजे की उम्मीद नहीं की थी, पर मैं रजत पदक से खुश हूं। मैं परिस्थितियों से सांमजस्य बिठाने पांच दिन पहले यहां आ गया था, लेकिन ऊंचाई से मुझ पर असर पड़ा। रेस में कहीं कहीं मैं सही से सांस नहीं ले पा रहा था लेकिन मैं अपने रजत पदक से खुश हूं।' बता दें कि खत्री का यह पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। वहीं, खत्री के कोच चंदन सिंह ने कहा, 'अमित ज्यादातर रेस में आगे चल रहा था लेकिन कीनिया के एथलीट ने अचानक एक-डेढ़ लैप पहले बढ़त ले ली। अमित स्वर्ण पदक जीत सकता था लेकिन ऊंचे इलाके से असर पड़ा। कीनियाई एथलीट इस तरह की घरेलू परिस्थितियों में ट्रेनिंग कर रहा था, जिससे उसे फायदा मिला।'
कोच ने की अमित खत्री को टॉप्स में शामिल करने की मांग
खत्री के रजत पदक जीतते ही उनके कोच चंदन सिंह ने उन्हें टारगेट ओलंपिक पोडियन योजना (टॉप्स) में शामिल करने की मांग कर दी। उन्होंने कहा कि अमित में टॉप क्लास के रेस वॉकर बनने की क्षमत है और इसका उद्देश्य 2024 के पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है। कोच ने खत्री की तारीफ करते हुए समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, 'उसकी (अमित खत्री) चलने की तकनीक बहुत अच्छी है और वह जल्दी सीख जाता है। वह अगले कुछ वर्षों में देश में शीर्ष पैदल चाल खिलाड़ी बन सकता है लेकिन उसे आगे बढ़ने के लिए धनराशि की आवश्यकता होगी। इसलिए मैं साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) से उसे टॉप्स योजना में शामिल करने का अनुरोध करता हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'अमित को 2024 के ओलंपिक के लिए तैयार करना है, लेकिन उसके पास कोई प्रायोजक नहीं है, जिससे उसे आर्थिक रूप से मदद मिल सके।'