विश्व महिला मुक्केबाजी: सोनिया ने पूर्व विश्व चैंपियन को दी मात, सिमरन भी क्वार्टर फाइनल में
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भारत की सोनिया चहल ने सोमवार को विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पूर्व विश्व चैंपियन स्टानीमीरा पेट्रोवा को मात देकर क्वार्टरफाइल में प्रवेश कर लिया है। सोनिया ने 57 किग्रा वर्ग में पूर्व विश्व चैंपियन को मात दी।
वहीं भारत की एक और महिला मुक्केबाज स्वीटी बूरा का सफर प्री-क्वार्टरफाइनल में थम गया। भारत की स्वीटी बूरा को महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में पोलैंड की एल्जबीटा वोजसिक से शिकस्त झेलनी पड़ी।
पिंकी रानी जांगड़ा ने इंग्लैंड की एबोनी एलिस एली जोंस को 5-0से हराकर 51 किग्रा भारवर्ग के क्वार्टरफाइनल में एंट्री की तो दिन का खेल खत्म होते-होते 64 किलोग्राम भारवर्ग में सिमरनजीत कौर ने स्कॉटलैंड की मेगान रेड को 5-0 के अंतर से हराया।
सोनिया की जीत पर बुल्गारियाई कोच का बवाल
नामी मुक्केबाजी चैंपियनशिप हो और विवाद न हो, ऐसा मुश्किल है। 2014 इंचियोन एशियाई खेलों और रियो ओलंपिक के बाद यहां केडी जाधव इंडोर हॉल में खेली जा रही विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप भी विवादों के घेरे मेें आ गई। इस बार आरोप किसी भारतीय ने नहीं बल्कि भारतीय मुक्केबाज के खिलाफ खेल रही बुल्गारियाई खिलाड़ी और कोच ने लगाए।
स्टैनीमीरा पेट्रोवा के खिलाफ हरियाणा की सोनिया चहल (57 किग्रा) को जैसे ही रेफरी ने 3-2 से विजेता घोषित किया, बुल्गारियाई कोच पीटर लेसोव ने फैसले का विरोध करते हुए पानी की बोतल गुस्से में रिंग पर फेंक दी। उन्होंने सोनिया का समर्थन कर रहे दर्शकों की ओर अभद्र इशारे भी किए।
वर्ल्ड नंबर वन पेट्रोवा ने साफ कहा कि वह फैसले से खुश नहीं हैं। बॉक्सिंग में जजों का भ्रष्टाचार व्याप्त है। सोनिया और पेट्रोवा का मुकाबला बेहद नजदीकी था। जजों ने फैसला सोनिया के पक्ष में 29-28, 28-29, 29-28, 28-29, 29-28 से सुनाया। पेट्रोवा और कोच लेसोव ने फैसले दंग रह गए। सोनिया की टक्कर अब कोलंबिया की मार्सेला कास्टेनाडा से होगी।
कोच का मान्यता कार्ड जब्त, स्टेडियम में प्रवेश पर रोक लगा
हालांकि बाद में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ (आईबा) ने कोच के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनका मान्यता कार्ड जब्त कर उनके स्टेडियम में प्रवेश पर रोक लगा दी। आईबा ने कहा कि इस तरह अभद्रता स्वीकार नहीं की जा सकती है। मामला अनुशासनात्मक कमेटी को भेज दिया गया है।
पिंकी की जीत पर इंग्लिश बॉक्सर नाखुश
सोनिया के बाद अपनी तीसरी विश्व चैंपियनशिप खेल रही पिंकी जांगड़ा (51 किग्रा) के सामने इंग्लैंड की लिली एलिस जोंस थीं। यह मुुकाबला भी नजदीकी था। बीस वर्षीय नवोदित इंग्लिश बॉक्सर ने बेहद तेज शुरुआत की। जजों ने फैसला पिंकी के पक्ष में 5-0 से दिया तो लिली को विश्वास नहीं हुआ।
बाउट के बाद में बॉक्सर का मिक्स जोन में मीडिया से बात करना जरूरी है, लेकिन लिली और दोनों कोच बुलाने के बावजूद बिना बात किए चले गए। बाद में इंग्लैंड के सहायक कोच जॉन चार्ल्स डेविड ने कहा कि मुकाबला 5-0 के परिणाम वाला नहीं था। यह 3-2 हो सकता था। हालांकि कोच ने पिंकी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने राष्टमंडल खेलों में भी उन्हें काफी परेशान किया था। पिंकी अब उत्तर कोरिया की मजबूत प्रतिद्वंद्वी चोई मी पेंग से खेलेंगी।
जजों पर उठते रहे हैं सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब बॉक्सिंग में जजिंग सवालों के घेरे में हैं। इंचियोन एशियाड में सरिता देवी का उदाहरण सभी के सामने है। लेकिन यहां आईबा ने अनुशासनहीनता पर सरिता और कोच बीआई फर्नांडीज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंध लगा दिया था। रियो ओलंपिक में तो कई देशों ने खराब जजिंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
आयरलैंड के माइकल कोनलान ने फाइनल में हार के बाद एमेच्योर बॉक्सिंग को छोड़ पेशेवर बॉक्सिंग की राह पकड़ ली। बाद में आईबा ने जांच बिठाई और सभी 35 जजों को सस्पेंड कर दिया। तब से ही जजिंग भ्रष्टाचार की बात उठ रही है।