युवाओं को मिले विशेष शतरंज कंप्यूटर, पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद ने साई से किया अनुरोध
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पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने बुधवार को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से अपने केंद्रों में उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए विशेष शतरंज कंप्यूटर मुहैया कराने का अनुरोध किया है। साथ ही 12-13 साल की उम्र के बच्चों के शतरंज को करिअर बनाने की इच्छा पर चिंता व्यक्त की। वे जर्मनी से एक विशेष ऑनलाइन सत्र में साई के नव नियुक्त सहायक निदेशकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘साई के पास ट्रेनिंग के लिए सुविधाएं और ढांचा पहले ही है। अगर साई इन सुविधाओं में शतरंज के लिए विशेष कंप्यूटर मुहैया करा सकता है तो इससे इन उभरते हुए युवाओं को काफी मदद मिलेगी। ज्यादातर खिलाड़ियों के पास ये सुविधा नहीं है।’
12-13 साल के बच्चों के शतरंज में करिअर बनाने से चिंतित:
अठारह वर्ष की उम्र में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने आनंद ने कहा,‘बच्चों को 18 साल की उम्र तक शतरंज में करिअर बनाने का फैसला नहीं करना चाहिए, जब तक वे पढ़ाई पूरी नहीं कर लेते। शतरंज में आपको पेशेवर नहीं बनना होता। मुझे चिंता होती है जब 12-13 साल के बच्चे इसमें (शतरंज) करिअर बनाना चाहते हैं।’ भारत में कई युवा शतरंज खिलाड़ी इनमें आर प्रागनानंधा जो सिर्फ 14 साल के हैं और चौथे युवा ग्रैंडमास्टर हैं।