...तो अब विजेंदर का सपना भी पूरा हो जाएगा
गले में ओलंपिक मेडल और न्यूयार्क के मेडिसन स्क्वायर गार्डन में बॉक्सिंग, यह दो सपने बॉक्सर विजेंदर कुमार ने उस वक्त देखे थे जब वह इस खेल को अपना कैरियर बनाने में जुटे थे। एक सपना तो साल 2008 में बीजिंग ओलंपिक में पूरा हो चुका है और दूसरा सपना अब पूरा होने जा रहा है।
विजेंदर अगले वर्ष फरवरी या मार्च माह में बॉक्सिंग का मक्का कहे जाने वाले मेडिसन स्क्वायर गार्डन में बॉक्सिंग करते नजर आएंगे। विजेंदर अमर उजाला से खुलासा करते हैं कि अमेरिका में पेशेवर बॉक्सिंग उनके लिए सपने के सच होने के समान है।
ऊपर से उस मेडिसन स्क्वायर गार्डन में मुक्के बरसाना जहां मोहम्मद अली, माइक टायसन, जो फ्रेजियर, फ्लायड मेवेदर जैसे बॉक्सर अपनी बॉक्सिंग का दम दिखाया, यह वाकई सपने के सच होने जैसा है। विजेंदर के लिए पिछला एक साल ठीक नहीं गया। उनकी ब्रिटन ली के साथ होने वाली कॉमनवेल्थ टाइटल की बाउट नहीं हुई। ली चोटिल हो गए थे। क्वींसबरी के साथ उनका करार खत्म हो गया। अब उनका मेवेदर के प्रमोटर रहे टॉप रैंक प्रमोशंस के साथ करार हुआ है।
वह वादा करते हैं कि अगले एक साल में देश में पेशेवर बॉक्सिंग का जुनून वह फिर से वापस ला देंगे। सुपर मिडिलवेट कैटेगरी में विजेंदर अगले वर्ष तीन से चार बाउट लड़ेंगे। यह सभी बाउट्स अमेरिका में होंगी। प्रमोटर ने कहा है कि अगर उनके परिणाम अच्छे रहे तो साल के अंत में वल्र्ड टाइटल के लिए भी उनकी बाउट होगी। विजेंदर के मुताबिक अमेरिका में उनका पहला मुकाबला कोनालो अल्वारेज के साथ हो सकता है।
मैनी पैक्यिओ के ट्रेनर के साथ ली ट्रेनिंग
विजेंदर के मुताबिक उन्होंने अमेरिका में दुनिया के नामी ट्रेनर राबर्ट गार्सिया और फिलीपींस के बॉक्सर मैनी पैक्यिओ के ट्रेनर रहे फ्रेडी रोश के साथ ट्रेनिंग की है।
पहली बाउट वह पुराने ट्रेनर ली बियर्ड के साथ करना चाह रहे हैं, लेकिन इसके बाद वह गार्सिया या रोश को अपना ट्रेनर बनाएंगे।
विजेंदर खुलासा करते हैं कि सैन फ्रांसिस्को और सान जोस में भारतीयों की संख्या काफी ज्यादा है। यही वजह है कि इनमें से किसी एक जगह को वह अपना बेस बनाएंगे।
मैरी से ली है प्रेरणा
33 वर्षीय विजेंदर के लिए आयु कोई चिंता की बात नहीं है। वह कहते हैं कि जब मैरी कॉम 35 साल की उम्र में विश्व चैंपियन बन सकती हैं तो वह भी कुछ कर गुजरने को तैयार हैं। मैरी ने जबरदस्त उदाहरण पेश किया है। जब वह दिल्ली वल्र्ड चैंपियनशिप में फाइनल खेलने जा रही थीं तब उनकी उनसे बात हुई थी। उन्होंने वाकई प्रेरणादायक काम किया है।